ऐसे में 25 जुलाई को एलडीए ने उसे ध्वस्त किया। ध्वस्तीकरण के लिए एलडीए की ओर से जेसीबी व अन्य मशीनें लगाई गई थीं। कर्मचारी भी लगाए गए। मलवा उठान के लिए ट्रक भी लगाए गए। कई थानों का पुलिस बल भी मौके पर रहा। बिल्डिंग ध्वस्त करने पर कितना खर्च आया इसको लेकर एलडीए की एक समिति बनाई गई थी।
बिल्डिंग करीब 2000 वर्ग फीट के प्लाॅट पर बेसमेंट प्लस तीन मंजिला बनी थी। इसी तरह करीब आठ हजार वर्ग फीट में निर्माण था। एलडीए के जोनल अधिकारी माधवेश कुमार ने बताया कि ध्वस्तीकरण और मलबा हटाने में जेसीबी, पुकलैंड, ड्रिल मशीन, डम्पर जैसी मशीनरी और श्रमिक लगाए गए थे। सुरक्षा और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं का समस्त सारा खर्च एलडीए ने वहन किया था। ध्वस्तीकरण पर कुल 26 लाख 14 हजार 212 रुपये खर्च हए हैं। इसकी वसूली की जाएगी।