दीपिका आनंद बुआ मायावती व दादा प्रभुदयाल के साथ। पुरानी तस्वीर।
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बसपा में मायावती के छोटे भतीजे ईशान आनंद 6 दिन भी नहीं टिक पाए। उन्हें बीते सोमवार को 19 राज्यों का मुख्य प्रभारी बनाया गया था। आकाश आनंद को पार्टी से आजाद करने के बाद बुआ मायावती ने ईशान के लिए भी पार्टी के दरवाजे भी हमेशा के लिए बंद कर दिए गए। हालांकि भाई आनंद कुमार पर उनका भरोसा कम नहीं हुआ, नतीजतन दीपिका के जरिये के परिवार के लिए एक दरवाजा खुला रखा। अब पार्टी की कमान 'बहिन जी' के नेतृत्व में 'छोटी बहन जी' दीपिका संभालेगी।
दीपिका लंदन में कानून की शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। आकाश और ईशान भी लंदन में पढ़ाई कर चुके हैं। वहीं दूसरी ओर बसपा सुप्रीमो के इन फैसलों के गहरे सियासी निहितार्थ भी तलाशने शुरु हो गए हैं। बसपा अपने सबसे तीन महत्वपूर्ण राज्यों यूपी, उत्तराखण्ड और पंजाब में होने वाली विधानसभा चुनाव के मुहाने पर है। लिहाजा जल्द इन फैसलों का दलित वोट बैंक की सियासत में पड़ने वाला असर नजर आ जाएगा। फिलहाल मायावती ने अपनी आयरन लेडी की छवि की मुताबिक पार्टी के भविष्य को लेकर ऐसे सख्त निर्णय लिए हैं जो उनके प्रति सहानुभूति का सबब भी बन सकता है।