शिक्षकों में इस बात का भ्रम है कि इस योजना का लाभ लेने के लिए तीन हजार प्रतिवर्ष उनके वेतन से कटेगा। अमर उजाला के साथ बातचीत में शासन ने इसे स्पष्ट किया कि कैशलेस चिकित्सा में किश्त का यह पैसा शासन के द्वारा ही दिया जाएगा। यह योजना शिक्षकों के लिए पूरी तरह से फ्री रहेगी।