उत्तर प्रदेश के आईआईटी, आईआईएम और कुछ प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थानों को छोड़ दिया जाए तो काफी संस्थानों में छात्राओं को पर्याप्त हॉस्टल सुविधा नहीं मिल पाती है। कई बार इसकी वजह से उनकी पढ़ाई भी प्रभावित होती है। इसको देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से हर जिले में एक महिला छात्रावास की स्थापना की घोषणा की गई है।