कोलकाता की कंपनी से 4 लाख रुपये की घूस लेकर फैक्ट्री की मशीनों की निरीक्षण रिपोर्ट लगाने वाले रिसर्च डिजाइंस एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) के डिप्टी डायरेक्टर आशुतोष कुमार, सीनियर सेक्शन इंजीनियर दीपक कुमार ने बीते दिनों कितनी फैक्ट्री का निरीक्षण किया था, सीबीआई इसका पता लगाने के लिए जल्द लखनऊ आकर दस्तावेज खंगालेगी। जांच में सामने आया है कि दोनों ने 15 सितंबर को कोलकाता की उत्कर्ष इंडिया लिमिटेड की फैक्ट्री को निरीक्षण करने से पहले रिपोर्ट तैयार कर ली थी।
सीबीआई की एफआईआर के मुताबिक कोलकाता की उत्कर्ष इंडिया लिमिटेड रेल क्लिप, स्टील फैब्रिकेशन आदि बनाने का काम करती है। आशुतोष और दीपक 5 सितंबर से पश्चिम बंगाल में रेलवे उपकरणों की आपूर्ति का काम करने वाली अलग-अलग फर्मों का निरीक्षण करने भेजे गए थे। कंपनी के प्रतिनिधि शशांक अग्रवाल ने निदेशक मनोज अग्रवाल को बताया कि रिपोर्ट जारी करने के लिए आरडीएसओ के अफसरों को 4 लाख रुपये देने हैं।
इस पर मनोज ने कहा कि पहले कंपनी के उच्च अधिकारियों से लिखित मंजूरी ले लें, फिर रकम सौंप देंगे। उसने शशांक से कहा कि वे रात में फैक्ट्री में आने वाली 3 मशीनों को इस तरह दिखाएं जैसे कि 6 मशीनें मिली हों और फैक्ट्री में लगाई गई हों। इसके लिए वे उन 3 मशीनों की तस्वीरें लेकर उन्हें दो बार दिखाएं। घूस की रकम तय होने की बात होने पर दोनों अफसरों कंपनी के पक्ष में रिपोर्ट को बदलते रहे।