गोंडा जिले में विकास कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारी अब देश उत्कृष्ट संस्थानों में नेतृत्व क्षमता प्रबंधन के गुर सीखेंगे। उन्हें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) लखनऊ भेजा जाएगा। इससे जिले के विकास कार्यों में गुणवत्ता आएगी। अधिकारी नेतृत्व क्षमता के बूते अपनी पहचान बनाएंगे।
पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार की ओर से नेतृत्व प्रबंधन विकास कार्यक्रम के तहत अधिकारियों को यह मौका दिया जा रहा है। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत देश व प्रदेश के 500 अधिकारियों को नेतृत्व प्रबंधन क्षमता प्रशिक्षण दिया जाएगा। पंचायत राज अधिकारी स्तर से जिले में चयन प्रक्रिया चल रही है।
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पहले चरण में रुपईडीह के बीडीओ अभय कुमार सिंह और वजीरगंज ब्लॉक के प्रभारी बीडीओ अभिषेक मणि का चयन किया गया। दोनों अधिकारी आगामी 31 अक्तूबर को आईआईटी कानपुर जाएंगे। जहां प्रशिक्षण में प्रतिभाग करेंगे। सहायक विकास अधिकारी पंचायत गिरजेश पटेल व राजेश कुमार वर्मा को आईआईएम लखनऊ भेजने की तैयारी है। इसी तरह से एडीपीआरओ जीडी जैन भी नेतृत्व प्रबंधन गुर सीखने के लिए इन्ही उत्कृष्ट संस्थानों में जाएंगे।
आईआईटी कानपुर और आईआईएम लखनऊ में आठ बैचों में कुल पांच दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया जाएगा। प्रत्येक जिले के 10-10 अधिकारी दक्षता प्रशिक्षण में शामिल हो सकेंगे। इसके लिए योग्यता निर्धारित की गई। प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए न्यूनतम स्नातक योग्यता अनिवार्य किया गया। हिंदी व अंग्रेजी भाषा की जानकारी होना चाहिए। डीपीआरओ लाल जी दूबे ने बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी करने के साथ ही सभी को जानकारी दी गई है।