गाड़ी के चालान को दे सकते हैं चुनौती।
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घर पर खड़ा वाहन और चालान कहीं और का, दोपहिया के नंबर पर चार पहिया का चालान या बिना गलती के चालान कटने जैसी शिकायतों के लिए अब वाहन मालिकों को आरटीओ के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। परिवहन विभाग ने चालान को ऑनलाइन चुनौती देने की सुविधा बुधवार आधी रात से शुरू कर दी है। चालान होने के 45 दिन में घर बैठे नेक्स्ट जेन ई चालान एप में जोड़े गए नए फीचर के जरिये शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। शिकायत का निस्तारण 30 दिन में किया जाएगा।
अब तक चालान को चुनौती देने के लिए वाहन मालिकों को विभाग के चक्कर लगाने पड़ते थे। अधिकारियों के मुताबिक, अगर चालान होने पर वाहन मालिक को कोई शिकायत नहीं है तो 75 दिन में भुगतान करना होगा। चालान को चुनौती देने के बाद यदि फैसला वाहन मालिक के खिलाफ आता है तो उसे चालान जारी होने से चार महीने के भीतर धनराशि जमा करनी होगी या 50 प्रतिशत राशि जमा कर न्यायालय में अपील की जा सकेगी। ऐसा नहीं करने पर वाहन से संबंधित आरटीओ के सभी काम ब्लॉक कर दिए जाएंगे। इससे वाहन के फिटनेस, ट्रांसफर और नवीनीकरण जैसे काम नहीं हो पाएंगे। यही नहीं चुनौती दिए गए चालानों के निस्तारण के लिए शिकायत निवारण अधिकारी (जीआरओ) तैनात किए गए हैं।
दो दिन तक पुराने चालान नहीं होंगे निस्तारित
एनआईसी ने नेक्स्ट जेन ई-चालान एप को अपडेट किया है। फिलहाल एनआईसी अधिकारी डाटा माइग्रेशन का काम कर रहे हैं। इससे शुक्रवार तक पुराने चालानों की राशि एप से जमा नहीं हो सकेगी। अगले दो दिन तक पुराना डाटा पोर्टल पर भी नहीं दिखेगा।
प्रदेश में लागू हुई व्यवस्था
नई व्यवस्था से चालानों के समयबद्ध निस्तारण के साथ विभाग के राजस्व में भी सुधार होगा। नई व्यवस्था बुधवार आधी रात से लागू हो गई है। डाटा माइग्रेशन के चलते शुक्रवार तक पुराने चालानों का भुगतान एप पर नहीं हो सकेगा।- प्रभात पांडेय, आरटीओ प्रवर्तन
प्रदेश में वाहनों के ई चालान की पुरानी व्यवस्था बुधवार रात से बंद कर दी गई है। पुरानी व्यवस्था के लंबित काम पूरा करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। यातायात निदेशालय ने सभी पुलिस अधिकारियों को न्यायालय और लोक अदालत की रसीदें अपलोड करने के निर्देश दिए थे। ये डाटा बुधवार रात फीड कर लिया गया है। अब पुरानी ई चालान व्यवस्था के लंबित आंकड़ों को भी नई व्यवस्था में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया हो रही है। अगर कहीं लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।