गन्ना किसानों को बेहतर डिजिटल सुविधा प्रदान करने के लिए ऑनलाइन घोषणा-पत्र भरने की प्रकिया को और सरल किया गया है। अब घोषणा पत्र भरते समय राजस्व भूमि के प्रमाण के रूप में खतौनी अपलोड करने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। साथ ही आधार कार्ड के 4 अंकों के माध्यम से फार्म ओपन करने वाले कृषकों के फार्म में डाक्यूमेंट अपलोड के सेक्शन को भी निष्क्रिय (डिसेबल) करने का निर्णय गन्ना आयुक्त द्वारा लिया गया है।
किसानों के लिए ऑनलाइन घोषणा-पत्र भरे जाने की सुविधा ईआरपी की वेबसाइट enquiry.caneup.in पर गन्ना विकास विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गयी है। इस प्रक्रिया को और आसान करने के लिए किसानों एवं परिक्षेत्रीय अधिकारियों के साथ मंथन हुआ। इसके बाद कई अहम निर्णय लिए गए। गन्ना आयुक्त संजय आर. भूसरेड्डी ने बताया कि ऑनलाइन घोषणा-पत्र भरते समय की प्रक्रिया को आसान करने के लिए साइट पर संशोधन का विकल्प दिया गया है। खतौनी अपलोड करने की व्यवस्था अब खत्म कर दी गई है।
भाषा भी सरल, अब ऑटम नहीं बल्कि शरदकालीन
सॉफ्टवेयर की कठिन भाषाओं को और सरल किया गया है। जैसे ऑटम के स्थान पर शरदकालीन, शेयर प्रतिशत के स्थान पर कृषक अंश, गन्ना जाति के स्थान पर गन्ना किस्म, खसरा संख्या के स्थान पर खतौनी खाता संख्या आदि सरल एवं व्यवहारिक शब्दों का प्रयोग होगा। घोषणा-पत्र भरते समय ट्रांसफर एंट्री के तहत ग्राम बदलने एवं एक से अधिक ग्राम दर्ज करने व्यवस्था भी प्रदान की गई है।