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UP: पहली बार 9 कैरेट की ज्वैलरी पर भी लगेगी हॉलमार्क मुहर, छोटे कारोबारियों को भी दायरे में लाने की तैयारी

Wed, 17 Jul 2024 11:22 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ

सार

यूपी में अब छोटे सराफा कारोबारियों को भी हॉलमार्क के दायरे में लाने की तैयारी है। बीआईएस व प्रमुख सराफा संगठनों की 22 को होने वाली बैठक में फैसले की उम्मीद है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने सराफा बाजार को पारदर्शी बनाने और ग्राहकों को छल से बचाने के लिए बड़ी पहल की है। बाजार में पहली बार 9 कैरेट की ज्वैलरी पर भी हॉलमार्क मुहर का प्रस्ताव तैयार किया गया है। अभी 14 कैरेट, 18 कैरेट, 20 कैरेट, 22 कैरेट, 23 कैरेट और 24 कैरेट की ज्वैलरी हॉलमार्क के दायरे में है। इतना ही नहीं चांदी पर भी अनिवार्य रूप से हॉलमार्क मुहर लगाई जाएगी। इसे लेकर बीआईएस ने देश के प्रमुख सराफा संगठनों की बैठक 22 जुलाई को बुलाई है।

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ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने बताया कि 22 जुलाई को होने वाली बीआईएस की बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर फैसला होगा। इसमें 40 लाख से कम टर्नओवर वाले व्यापारियों को भी हॉलमार्क के दायरे में लाने का प्रस्ताव शामिल है। सोने की ज्वैलरी में ग्राहकों को ठगी से बचाने के लिए बीआईएस ने हॉलमार्किंग की शुरुआत 23 जून, 2021 से की थी। अब तक देश के 343 जिलों में हॉलमार्किंग को अनिवार्य किया जा चुका है। हॉलमार्क ज्वैलरी सोने की शुद्धता की गारंटी है। बिना हॉलमार्क ज्वैलरी में कितना सोना है, इसकी कोई लिखित गारंटी नहीं होती।

चांदी के गहने भी हॉलमार्क के दायरे में आएंगे
जुलाई 2021 में चांदी के आभूषणों पर भी हॉलमार्क मुहर का प्रावधान लाया गया था, लेकिन पोर्टल पर ऐसा प्रावधान न होने से यह स्थगित है। 22 जुलाई की बीआईएस बैठक में चांदी के आभूषणों पर भी हॉलमार्क मुहर का फैसला लिया जाएगा। चार साल में सिर्फ 82 लाख चांदी के आभूषणों को हॉलमार्क कराया गया है। ये संख्या न के बराबर है क्योंकि हर महीने करीब 50 लाख से ज्यादा चांदी के आभूषण बिकते हैं। बैठक में छोटे व्यापारियों पर भी हॉलमार्क ज्वैलरी अनिवार्य रूप से बेचने का नियम लागू करने पर चर्चा होगी।
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धड़ल्ले से बिक रही बिना गारंटी वाली ज्वैलरी
फेडरेशन के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने बताया कि बीआईएस के मुताबिक करीब 80 फीसदी हॉलमार्क ज्वैलरी 22 कैरेट की है। 18 कैरेट ज्वैलरी की हिस्सेदारी सिर्फ 16 फीसदी है। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत में ज्यादा ज्वैलरी 18 कैरेट की बिकती है। इस कैरेट की ज्वैलरी की बेहद कम हिस्सेदारी से साफ है कि बिना हॉलमार्क की ज्वैलरी बाजार में धड़ल्ले से बिक रही है।

देश में 80 फीसदी हॉलमार्क ज्वैलरी 22 कैरेट की
कैरेट इतने गहनों में हॉलमार्क मुहर हालमार्क ज्वैलरी की हिस्सेदारी
24 कैरेट 8.04 लाख  0.22 फीसदी
23 कैरेट 3.05 लाख 0.08 फीसदी
22 कैरेट 29.15 करोड़  79.23 फीसदी
20 कैरेट 70.29 लाख  1.91 फीसदी
18 कैरेट 5.94 करोड़ 16.15 फीसदी
14 कैरेट 88.59 लाख  2.41 फीसदी
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(1 जुलाई 2021 से 31 मई 2024 तक कुल हॉलमार्क कराए गए गहने)

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