इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ से मुख्यमंत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में आरोपी नवाब सतपाल तंवर को मंगलवार को राहत नहीं मिली है। न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति अजय कुमार श्रीवास्तव प्रथम की खंडपीठ ने तंवर के खिलाफ बीती 20 फरवरी को हजरतगंज थाने में दर्ज एफआईआर को रद्द करने और उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के आग्रह वाली याचिका को खारिज कर दिया। आरोपी ने भीम सेना चीफ नामक ट्विटर हैंडल से विद्वेषपूर्ण मैसेज जारी किए थे। यह आदेश आरोपी तंवर की याचिका पर दिया गया।
याचिका का विरोध करते हुए अपर शासकीय अधिवक्ता एसएन तिलहरी का कहना था कि याची ने संदेशों के जरिए मुख्यमंत्री समेत सरकार के खिलाफ लोगों में घृणा और अवमान पैदा करने की कोशिश की, जो राज्य के विरुद्ध कृत्य था। लिहाजा वह राहत देने का पात्र नहीं है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी को राहत देने से इनकार कर याचिका खारिज कर दी।