प्रदेश में आगामी सत्र में नौ मेडिकल कॉलेजों में पढाई शुरू हो जाएगी। इससे एमबीबीएस की नौ सौ सीटें बढ़ जाएगी। इसके बाद प्रदेश में सरकारी क्षेत्र में एमबीबीएस की 3828 सीटें हो जाएंगे। जबकि निजी क्षेत्र की 29 प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में 4159 सीटें हैं। इसी तरह सरकारी मेडिकल कॉलेज में बीडीएस की 70 सीटें और 22 निजी डेंटल कॉलेज में 2200 सीटें हैं।
प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को बढावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढाई जा रही है। अब एटा, हरदोई, सिद्धार्थनगर, देवरिया, गाजीपुर, प्रतापगढ़, फतेहपुर, जौनपुर और मिर्जापुर में मेडिकल कॉलेज तैयार हैं। यहां प्रधानाचार्य की तैनाती की जा चुकी है। संकाय सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। इन कॉलेजों में नए सत्र से एडमिशन करने की तैयारी है। इसके लिए नेशनल मेडिकल काउंसिल में आवेदन किया जा चुका है। चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से हर स्तर पर तैयारी की जा रही है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक डा. बीडी सिंह ने बताया कि हर स्तर पर तैयारी की जा रही है। प्रयास है कि सभी नौ कालेजों में आगामी सत्र से एडमिशन लिया जाए।
अगस्त में प्रस्तावित है परीक्षा
कोविड की वजह से अभी तक नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) परीक्षा अभी तक नहीं हो सकी है। इसकेअगस्त में होने की उम्मीद है। ऐसे में अक्टूबर के बाद एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो सकती है।