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UP: म्यूल खाते का संचालन करने वाले नौ जालसाज गिरफ्तार, चीन से जुड़ रहे तार, छह करोड़ का किया खेल

Sun, 12 Jul 2026 06:35 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि अलग-अलग लोगों के खाते खुलवाकर उन्हें साइबर जालसाजों को उपलब्ध कराया जाता है। ठगी की रकम इन्हीं खातों में आती फिर अन्य खातों में टुकड़ों में भेजते थे। वहीं, खाताधारकों को पांच प्रतिशत कमीशन दिया जाता था।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मड़ियांव पुलिस और क्राइम ब्रांच ने मिलकर कमीशन के आधार पर म्यूल खातों का संचालन करने वाले नौ जालसाजों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 53 हजार नकद, 50 एटीएम कार्ड, तीन चेकबुक, दो पासबुक, एक कार, एक बाइक, एक टैबलेट और एक आईपैड बरामद किया है। आरोपी ने पूछताछ में दो जालसाजों का नाम भी बताया है, जिनके माध्यम से पूरा गैंग संचालित हो रहा था। आरोपियों के तार चीन में बैठ साइबर जालसाजों से जुड़े हैं।

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डीसीपी उत्तरी गोपाल कृष्ण चौधरी ने बताया कि पूरे प्रदेश में साइबर अपराध के खिलाफ ऑपरेशन सीवाई-वज्र चलाया जा रहा है। इस ऑपरेशन के तहत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीसीआरपी) और ज्वाइंट मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (जेएमआईएस) की मदद से जानकारी मिली कि लखनऊ के अलग-अलग कुछ एटीएम से ठगी की रकम निकाली जा रही है। रकम म्यूल खातों से निकाली गई थी। इस बात की जानकारी होने पर संबंधित एटीएम की फुटेज निकाली गई। फुटेज व सर्विलांस की मदद से मड़ियांव व क्राइम ब्रांच को जानकारी मिली कि ठगों को म्यूल खाते दिलाने वाला शाहरुख केशव नगर मोड़ के पास है। क्राइम ब्रांच और साइबर क्राइम टीम ने उसे पकड़ लिया। शाहरुख जानकीपुरम इलाके में रहकर फर्नीचर बनाने का काम करता था। पूछताछ में शाहरुख ने बताया कि अलग-अलग लोगों के खाते खुलवाकर उन्हें साइबर जालसाजों को उपलब्ध कराया जाता है। ठगी की रकम इन्हीं खातों में आती फिर अन्य खातों में टुकड़ों में भेजते थे। लोगों के बैंक खातों की पासबुक और एटीएम समेत अन्य दस्तावेज अपने पास ही रखते थे। बदले में उन्हें पांच से 25 प्रतिशत तक कमीशन देते थे। शाहरुख से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने गैंग के आठ और जालसाजों को गिरफ्तार किया।

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छह साल से कर रहे थे काम, अब तक छह करोड़ निकाले
डीसीपी ने बताया कि पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने साइबर ठगी से मिली रकम म्यूल खातों से निकालकर साइबर अपराधियों की मदद से यूएसडीटी में बदलकर चीन और अन्य देशों में बैठे अन्य लोगों के डिजिटल वॉलेट में भेजी जाती है। आरोपी व विदेश में बैठे जालसाज टेलीग्राम के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़े थे। टेलीग्राम के साथ ही डार्कनेट की मदद से आजम और अब्दुल उन्हें म्यूल खातों के संचालन और ठगी के लिए निर्देश देते थे।

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फॉरेंसिक जांच के लिए टैबलेट व आईपैड भेजा गया

डीसीपी ने बताया कि आरोपियों के पास से मिले टैबलेट और आईपैड को फॉरेंसिक लैब भेजकर चैट और अन्य डाटा के बारे में पता लगाया जा रहा है। पुलिस भागे हुए अब्दुल और आजम के बारे में पुलिस और जानकारी जुटा रही है।

शाहरुख के अलावा यह लोग हुए गिरफ्तार
डिलीवरी बॉय जानकीपुरम सेक्टर छह निवासी महफूज खान। एलएलबी छात्र गुडंबा कल्याणपुर निवासी सैय्यद अब्दुल्ला। डिलीवरी बॉय मड़ियांव निवासी मो. बशर। पेंटर बाराबंकी के बड्डूपुर निवासी मो. रुबान। नीट की तैयारी कर रहा छात्र बहराइच के कैसरगंज निवासी साबिर। आरोपी मौजूदा समय में लालबाग इलाके में रहता है। छात्र शाहजहांपुर के रोजा का निवासी सिकंदर, वह भी लालबाग में रहता है। बलरामपुर के शहर कोतवाली निवासी छात्र फरहान, यह हरियाणा से भी ठगी में जेल जा चुका है। शाहजहांपुर के जलालनगर का रहने वाला तुफैल।
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