आप सांसद ने भाजपा के तत्कालीन मेयर के रिश्तेदारों द्वारा ट्रस्ट को महंगी जमीनें बेचने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत गहरी हैं। उन्होंने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच हुई तो प्रधानमंत्री मोदी के करीबी चंपत राय, अनिल मिश्रा और भाजपा नेता ऋषिकेश उपाध्याय जैसे लोग जेल की सलाखों के पीछे होंगे। इसीलिए सरकार जांच के नाम पर महज खानापूर्ति कर रही है।
मोदी के बनाये ट्रस्ट के आगे नतमस्तक हुए योगी, पीएमओ की जांच नहीं कर सकता सीएमओ
संजय सिंह ने घोटाले की जाँच रुकने का असली कारण बताते हुए कहा कि मैंने पहले ही कहा था कि प्रधानमंत्री द्वारा बनाए ट्रस्ट की जांच मुख्यमंत्री नहीं कर सकता और आखिर वही हुआ। उन्होंने कहा कि यह ट्रस्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनाया है और इसमें उनके सबसे करीबी लोग जैसे नृपेंद्र मिश्रा शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यूपी का सीएमओ, प्रधानमंत्री कार्यालय के खिलाफ जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। मोदी द्वारा बनाए गए भ्रष्टाचार की जांच योगी नहीं कर सकते, यही कड़वी हकीकत है।
राम द्रोहियों के खिलाफ अब कोर्ट में होगी लड़ाई, 26 दस्तावेजों के साथ करूंगा पर्दाफ़ाश
संजय सिंह ने ऐलान किया कि वे अब चुप नहीं बैठेंगे और राम मंदिर को लूटने वालों को सजा दिलाने के लिए 26 दस्तावेजों के साथ न्यायालय की शरण लेंगे। उन्होंने कहा कि जय श्री राम का नारा लगाकर प्रभु को लूटने वाले रामद्रोहियों को देश के करोड़ों रामभक्त कभी माफ नहीं करेंगे और उन्हें सजा दिलाकर ही दम लेंगे।