नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा ने सभी 18 नगर निगम, जिला मुख्यालय सहित प्रमुख नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों में भगवा परचम फहराने में पूरी ताकत लगाई है। 13 मई को निकाय चुनाव के परिणाम में ही सामने आएगा कि भाजपा सरकार और संगठन के प्रयास कितने सफल रहे। बरहाल, भाजपा ने सभी नगर निगमों, अधिकांश नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों में भगवा परचम फहराने का दावा किया है।
भाजपा ने निकाय चुनाव को लोकसभा चुनाव का पूर्वाभ्यास मानते हुए चुनावी तैयारी शुरू की थी। करीब छह महीने पहले से बूथ से लेकर प्रदेश तक चुनावी तैयारियों को अंजाम दिया गया। निकाय चुनाव में महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष, नगर पंचायत अध्यक्ष, पार्षद और सभासद प्रत्याशी चयन से लेकर चुनाव प्रचार में भी पार्टी स्तर पर कोई कोई कसर नहीं छोड़ी। सपा, बसपा सरकार में मंत्री रहे नेताओं को भाजपा में शामिल कराया। इतना ही नहीं शाहजहांपुर नगर निगम में महापौर पद के लिए कोई योग्य उम्मीदवार नहीं मिलने पर सपा की उम्मीदवार अर्चना वर्मा को भाजपा में शामिल कराकर उन्हें ही प्रत्याशी घोषित कर दिया।
मुख्यमंत्री ने नगर निकाय चुनाव में 75 में से 43 जिलों में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में चुनावी सभाएं, सम्मेलन और रैलियों को संबोधित किया। 24 अप्रैल को पहली चुनावी रैली सहारनपुर में की थी। वहीं निकाय चुनाव की अंतिम चुनावी सभा 9 मई को चित्रकूट में हुई। मुख्यमंत्री ने पहले चरण के 37 जिलों में से 22 जिलों में 28 चुनावी रैलियां, जनसभा और सम्मेलनों को संबोधित किया था। दूसरे चरण के 38 जिलों में मुख्यमंत्री ने 21 जिलों में 22 चुनावी रैलियां और जनसभाएं की। मुख्यमंत्री ने दूसरे चरण में अलीगढ़, कानपुर, शाहजहांपुर, मेरठ, बरेली, गाजियाबाद और अयोध्या नगर निगम में सभाएं की। अयोध्या नगर निगम में मुख्यमंत्री ने दो बार चुनावी सभाएं की।
उप मुख्यमत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 24 अप्रैल को झांसी में पहली सभा को संबोधित किया। मौर्य ने अंतिम चुनावी सभा अयोध्या में संबोधित की। मौर्य ने चुनाव के दौरान 32 से अधिक जिलों में 58 सभाओं, रैलियों, सम्मेलनों और बैठकों संबोधित किया। मौर्य ने खासतौर पर पिछड़े वोट बैंक वाले इलाकों में भाजपा का मोर्चा संभाला।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 24 अप्रैल को गाजियाबाद में भाजपा की महापौर प्रत्याशी सुनीता दयाल की नामांकन सभा से चुनावी अभियान का आगाज किया था। पाठक ने 9 मई को निकाय चुनाव की अंतिम सभा फर्रुखाबाद में की। पाठक ने 30 से अधिक जिलों में 45 से अधिक रैली, सभा, सम्मेलन और बैठकें की। पाठक ने निकाय चुनाव में लखनऊ में कांग्रेस के दोनों महानगर अध्यक्षों को भाजपा में शामिल कराने के साथ प्रदेश में सपा, बसपा और कांग्रेस में सेंध लगाकर उनके नेताओं को भगवा पटका धारण कराने में भी अहम भूमिका निभाई।
प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने 26 जिलों में 45 चुनावी कार्यक्रमों के जरिये चुनावी अभियान को आगे बढ़ाया। महामंत्री संगठन धर्मपाल ने सभी 18 मंडल स्तर पर चुनावी अभियान की समीक्षा की।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का दावा है कि पार्टी योगी-मोदी सरकार की उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच गई है। जनता ने सुशासन, विकास और बेहतर कानून व्यवस्था की सराहना करते हुए भाजपा के चुनावी एजेंडे पर सहमति देकर पहले और दूसरे चरण में प्रचंड बहुमत दिया है। उनका दावा है कि निकाय चुनाव में सपा, बसपा और कांग्रेस का सफाया होगा। भाजपा को बड़ी जीत मिलेगी।