नगर विकास मंत्री अपने ही जिले में पालिकाध्यक्ष को नहीं जिता पाए। इनके अलावा, धर्मपाल, दिनेश, मयंकेश्वर सिंह समेत कई मंत्रियों के जिलों में हार मिली है।
नगरीय निकाय चुनाव में नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा के गृह जिले में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। मऊ नगर पालिका परिषद में बहुजन समाज पार्टी के अरशद जमाल ने भाजपा के प्रत्याशी को हराया। योगी सरकार के कई मंत्रियों के निर्वाचन क्षेत्र में नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है।
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मऊ नगर पालिका परिषद में अध्यक्ष पद लंबे अर्से बाद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित हुआ था। स्थानीय भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता किसी ब्राह्मण, ठाकुर या भूमिहार को प्रत्याशी बनाने के पक्षधर थे। लेकिन अरविंद कुमार शर्मा की पैरवी से जाटव समाज अजय कुमार के प्रत्याशी बनवाया।
अजय कुमार पहले बसपा के कोऑर्डिनेटर रहे हैं। शर्मा ने अजय कुमार के समर्थन में चुनाव प्रचार के लिए मऊ में डेरा भी डाला था। लेकिन शनिवार को आए नतीजो में बसपा के अरशद जमाल ने भाजपा प्रत्याशी को 36 हजार से अधिक मतों से हराया है।
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पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह के निर्वाचन क्षेत्र बरेली जिले की आंवला नगर पालिका परिषद में भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। आंवला में सपा के आबिद अली ने भाजपा के संजीव सक्सेना को चुनाव हराया।
उद्यान राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह के गृह जिले रायबरेली में भी भाजपा की हार हुई है। कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली नगर पालिका परिषद में अध्यक्ष पद पर कांग्रेस के शत्रोहनलाल सोनकर चुनाव जीते हैं। चिकित्सा राज्यमंत्री मंयकेश्वर शरण सिंह के निर्वाचन क्षेत्र तिलोई की नगर पालिका जायस में भी भाजपा की हार हुई है। मयंकेश्वर सिंह ने जायस में कई दिनों तक प्रचार भी किया था।
माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार गुलाब देवी के गृह जिले संभल की तीन में से दो नगर पालिका में भाजपा की हार हुई है। गुलाब देवी के संसदीय क्षेत्र की चंदौसी नगर पालिका में निर्दलीय प्रत्याशी लता ने चुनाव जीता है। संभल नगर पालिका परिषद में एआईएमआईएम ने चुनाव जीता है। समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण के निर्वाचन क्षेत्र कन्नौज, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख के रामपुर नगर पालिका परिषद में भी भाजपा की हार हुई है।
चौधरी के जिले में खिला कमल
मुरादाबाद नगर निगम में कांटे का मुकाबला माना जा रहा था। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का गृह जिला होने के कारण मुरादाबाद के परिणाम पर सभी की नजर थी। मतगणना के दौरान कई बार उतार चढ़ाव आए। लेकिन अंत में भाजपा के विनोद अग्रवाल लगातार दूसरी बार महापौर निर्वाचित हुए।