निकाय चुनाव के पहले चरण में दो दर्जन मंत्रियों की साख दांव पर है। सीएम योगी के निर्वाचन क्षेत्र गोरखपुर में भी पहले चरण में चुनाव हैं। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक के क्षेत्र भी पहले चरण में है।
नगरीय निकाय चुनाव में प्रदेश सरकार के दो दर्जन से अधिक मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर है। मंत्रियों को अपने निर्वाचन क्षेत्र में तो पार्टी को चुनाव जिताना ही है, साथ ही प्रभार वाले जिले में भी कमल खिलाने की जिम्मेदारी को बखूबी निभाना है। चुनाव में मंत्रियों के राजनीतिक कौशल के साथ प्रशासनिक दक्षता की भी परीक्षा हो रही है।
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भाजपा निकाय चुनाव को लोकसभा चुनाव का पूर्वाभ्यास मानकर लड़ रही है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि निकाय चुनाव के नतीजों का असर लोकसभा चुनाव तक रहेगा। लिहाजा पार्टी ने सभी 17 नगर निगमों और जिला मुख्यालयों की नगर पालिका परिषदों में कब्जा जमाने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सभी 75 जिलों का चुनावी दौरा कर रहे हैं।
वहीं उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी भी एक एक दिन में दो से तीन जिलों में चुनावी सभाएं और संपर्क कर रहे हैं। भाजपा ने सरकार के मंत्रियों के परिवारजन को प्रत्याशी नहीं बनाया है। लेकिन मंत्रियों का जिले में वर्चस्व बनाए रखने के लिए प्रत्याशी चयन में उनकी राय को महत्व दिया गया है।
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उधर, प्रदेश की बड़ी नगर निगम और नगर पालिका परिषदों में भाजपा ने सरकार के मंत्रियों को प्रभारी के रूप में तैनात किया है। यही वजह है कि मंत्रियों पर अपने निर्वाचन क्षेत्र के साथ प्रभार वाले जिले में भी पार्टी प्रत्याशी की जीत की जिम्मेदारी है। पार्टी ने युवा मंत्रियों के साथ दूसरे दलों से आए मंत्रियों को भी संगठनात्मक जिम्मेदारी का अहसास कराने के लिए निकाय चुनाव की कमान सौंपी है।
मंत्रियों को निकाय चुनाव में राजनीतिक कौशल दिखाते हुए चुनाव प्रबंधन के साथ बगावत को भी कम करना है। वहीं स्थानीय स्तर पर सरकारी मशीनरी के जरिए कील कांटे दुरुस्त कराकर अपने प्रशासनिक कौशल को भी साबित करना है।
सीएम योगी के निर्वाचन क्षेत्र में पहले चरण में चुनाव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्वाचन क्षेत्र गोरखपुर में भी पहले चरण में ही 4 मई को मतदान होना है। गोरखपुर में भाजपा ने डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव को प्रत्याशी बनाया है। मुख्यमंत्री ने पूरे 75 जिलों के साथ ही गोरखपुर पर भी पूरा फोकस किया है। योगी वहां चुनावी सभाएं कर रहे हैं। गोरखपुर में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना प्रभारी मंत्री हैं।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्वाचन क्षेत्र में भी पहले चरण में मतदान
प्रयागराज में भाजपा ने औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी की पत्नी अभिलाषा नंदी का टिकट काटकर महानगर अध्यक्ष उमेश चंद्र गणेश केसरवानी को प्रत्याशी बनाया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य प्रयागराज से आते हैं, मौर्य ने प्रयागराज में चुनाव की कमान संभालने के साथ पूरी ताकत झोंक रखी है। पार्टी में किसी तरह के आरोप से बचने के लिए नंदगोपाल गुप्ता नंदी और उनकी पत्नी भी पार्टी प्रत्याशी के साथ जुटे हैं। प्रयागराज में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह प्रभारी मंत्री हैं।
वाराणसी नगर निगम के चुनाव पर देश की नजर
वाराणसी नगर निगम के चुनाव पर पूरे प्रदेश व देश की नजर है। वाराणसी में भाजपा ने क्षेत्रीय मंत्री अशोक तिवारी को प्रत्याशी बनाया है। वाराणसी में आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्रा दयालु, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन रवींद्र जायसवाल और श्रम कल्याण मंत्री अनिल राजभर की प्रतिष्ठा दांव पर है। वाराणसी में भितरघात की सूचना मिलने के बाद पार्टी के शीर्ष नेता सक्रिय हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के नाते मुख्यमंत्री, दोनों उप मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह वहां पूरी ताकत लगाए हैं। वाराणसी में प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने भी पूरी ताकत लगाई है।
पाठक पर 25 जिलों के साथ लखनऊ का भी दारोमदार
राजधानी लखनऊ में भाजपा ने प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुषमा खर्कवाल को प्रत्याशी बनाया है। लखनऊ से अभी केवल उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ही मंत्रिमंडल में शामिल हैं। पाठक पर अपने प्रभार वाले 25 जिलों के साथ लखनऊ का भी दारोमदार है। पाठक विभिन्न सामाजिक और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद कर खर्कवाल के समर्थन मे माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। लखनऊ में भी संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना पर भी जिम्मेदारी है।
आगरा में महापौर पद अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित
आगरा में महापौर पद अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित है। भाजपा ने पूर्व विधायक हेमलता दिवाकर को प्रत्याशी बनाया है। आगरा में महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबीरानी मौर्य, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और आगरा से विधान परिषद सदस्य धर्मवीर प्रजापति भी मंत्री है। इन तीन मंत्रियों पर आगरा नगर निगम के साथ जिले की अन्य निकायों की सफलता से आंकी जाएगी। नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा आगरा के प्रभारी मंत्री हैं।
मुरादाबाद में प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी की प्रतिष्ठा दांव पर
मुरादाबाद में भाजपा ने निर्वतमान महापौर विनोद अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का क्षेत्र होने के नाते यहां चौधरी की प्रतिष्ठा दांव पर है। पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद मुरादाबाद के प्रभारी मंत्री हैं। अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित झांसी नगर निगम महापौर पद पर भाजपा ने बिहारी लाल आर्य को प्रत्याशी बनाया है। झांसी जिले से प्रदेश सरकार में कोई भी मंत्री नहीं है। लेकिन यहां महिला एवं बाल कल्याण मंत्री बेबीरानी मौर्य प्रभारी हैं। दलित बहुल होने के नाते झांसी में बेबी रानी के राजनीतिक कौशल के साथ दलितों में पकड़ की भी परीक्षा है।
पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित सहानपुर नगर निगम महापौर सीट पर भाजपा ने कुर्मी समाज के डॉ. अजय कुमार को प्रत्याशी बनाया है। पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री ब्रजेश सिंह और राज्यमंत्री जसवंत सैनी भी सहारनपुर से हैं। सहारनपुर सीट पर कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। लिहाजा दोनों राज्यमंत्री की प्रतिष्ठा दांव पर है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय सहारनपुर के प्रभारी मंत्री है।
मथुरा वृंदावन नगर निगम में भाजपा ने वैश्य समाज के विनोद अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया है। मथुरा से प्रदेश सरकार में गन्ना विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण हैं। मुजफ्फरनगर पालिका के चुनाव में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिलदेव अग्रवाल, रामपुर नगर पालिका में राज्यमंत्री बदलेव सिंह औलख, देवरिया नगर पालिका परिषद में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की प्रतिष्ठा भी दांव पर हैं। मथुरा में भाजपा ने बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह को प्रभारी नियुक्त किया है।