निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को विपक्ष के साथ अपने भी कड़ी टक्कर दे रहे हैं। कई निकायों में सहयोगी दलों और भाजपा के उम्मीदवार आमने-सामने हैं। निषाद पार्टी ने सिंबल भी दिया, पर अपना दल (एस) से जुड़े लोग निर्दल ताल ठोक रहे हैं।
निकाय चुनाव में भाजपा को विपक्ष के साथ अपने भी टक्कर देने को तैयार हैं। सरकार में सहयोगी होने के बावजूद निषाद पार्टी ने कई नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों में अध्यक्ष समेत पार्षदों की तमाम सीटों पर अपने सिंबल पर प्रत्याशी उतार रखें हैं। अपना दल (एस) से जुड़े तमाम लोग भी चुनाव मैदान में भाजपा प्रत्याशियों के खिलाफ ताल ठोक रहे हैं।
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हालांकि ऐसे लोगों को अपना दल (एस) ने अपना सिंबल नहीं दिया है। भाजपा ने समझौते में दोनों सहयोगियों को कुछ सीटें भी दे रखी हैं। ऐसे में कई सीटों पर भाजपा और उसके सहयोगी दलों के प्रत्याशी आमने-सामने होंगे।
दरअसल भाजपा से दोनों सहयोगी दलों ने अपने वोट बैंक और जातीय समीकरण को देखते हुए पूर्वांचल में कुछ पालिका और पंचायत अध्यक्ष की कुछ सीटें मांगी थी, लेकिन भाजपा ने निषाद पार्टी हो जहां मात्र एक नगर पंचायत अध्यक्ष की सीट दी है, वहीं अपना दल (एस) को दो पालिका और दो पंचायत अध्यक्ष की सीटें दी हैं।
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कम सीटें मिलने से सहयोगी दलों के कार्यकर्ताओं में असंतोष फैलने लगा तो निषाद पार्टी ने तमाम निकायों में अपने सिंबल पर प्रत्याशी उतार दिए। जबकि अपना दल ने सिंबल नहीं दिया तो कार्यकर्ताओं ने निर्दल ही पर्चा दाखिल कर दिया। ऐसे में कई निकायों में सहयोगी दलों के उम्मीदवार भाजपा प्रत्याशियों के सामने कड़ी चुनौती देते दिख रहे हैं।
यहां निषाद पार्टी ने भी उतारे उम्मीदवार
भाजपा ने समझौते में निषाद पार्टी को एक मात्र सोनभद्र की चोपन नगर पंचायत अध्यक्ष की सीट ही दी है। लेकिन निषाद पार्टी ने अपने सिंबल पर कुल 11 पंचायतों में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार उतारे हैं। इनमें मदनपुर व कैंपियरगंज (देवरिया), पीपीगंज और गोलाबाजार (गोरखपुर), कप्तानगंज, चिटौनी व दुदही (कुशीनगर), बदलापुर व जफराबाद (जौनपुर), सुबंसा (प्रयागराज) और इरैच (झांसी) शामिल हैं। बहराइच, गंगाघाट (उन्नाव), काल्पी (जालौन), ललितपुर और शिकोहाबाद (फिरोजाबाद) पालिका अध्यक्ष पद भी भाजपा के सामने उम्मीदवार उतारे हैं। लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज और आगरा नगर निगमों और जालौन नगर पालिका परिषद को मिलाकर 170 से अधिक पार्षद के उम्मीदवार भी निषाद पार्टी ने भाजपा के खिलाफ उतार रखे हैं।
अपना दल एस से जुड़े लोग भी बने चुनौती
भाजपा ने समझौते में अपना दल (एस) के लिए रामपुर की स्वार और झांसी की मऊरानीपुर नगर पालिका परिषद के अलावा प्रतापगढ़ की मांधाता और कटरा गुलाब सिंह नगर पंचायत अध्यक्ष पद की सीटें दी हैं। फिर भी पार्टी से जुड़े तमाम लोग मिर्जापुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, वाराणसी, भदोही, बहराइच, फतेहपुर जिलों के निकायों में चुनाव मैदान में हैं। हालांकि पार्टी ने किसी को सिंबल नहीं दिया है, लेकिन माना जा रहा है कि ये लोग वर्षों से पार्टी से जुड़े रहे हैं, इसलिए इनके चुनाव लड़ने से नुकसान तो भाजपा का ही होगा।