कानपुर नगर और वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में जोन बढ़ेंगे। वहीं, लखनऊ के थानों को मौजूदा जोन में ही समायोजित किया जाएगा। इसके लिए संबंधित जिलों ने डीजीपी मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा है। जल्द ही डीजीपी मुख्यालय इस संबंध में आदेश जारी करेगा।
कानपुर नगर में मध्य जोन का गठन किया जाएगा। बाकी पूर्व, पश्चिम और दक्षिण जोन में कानपुर आउटर के थानों को समायोजित किया जाएगा। यानी सभी जोन में न सिर्फ थानों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि थानों को भी एक-दूसरे जोन में रखा जा सकता है। कानपुर में जोन की संख्या तीन से चार हो जाएगी। इसी तरह वाराणसी में भी एक जोन बढे़गा। इसमें ग्रामीण के सभी थानों को समायोजित किया जाएगा।
लखनऊ में ग्रामीण थानों को मौजूदा जोन में ही समायोजित किया जाएगा। निगोहां को मोहनलालगंज सर्किल में जोड़ते हुए दक्षिण जोन में रखा जाएगा। बख्शी का तालाब और इटौंजा को उत्तरी जोन में रखा जाएगा। मलिहाबाद, माल और रहीमाबाद को पश्चिमी जोन में शामिल किया जाएगा। यानी पूरी मलिहाबाद सर्किल पश्चिमी जोन में शामिल हो जाएगी। पश्चिमी जोन में थानों की संख्या सबसे अधिक रहेगी। यहां थानों की कुल संख्या 13 हो जाएगी। उत्तरी जोन में 12 थाने, मध्य जोन में 10 थाने, पूर्वी और दक्षिणी में 8-8 थाने होंगे। ग्रामीण का महिला थाना समाप्त होगा या कमिश्नरेट में अतिरिक्त महिला थाने के रूप में रहेगा, इस पर निर्णय बाकी है।
52 थानों के साथ लखनऊ सबसे बड़ा पुलिस कमिश्नरेट
अब तक 18 थानों के साथ वाराणसी सबसे छोटा पुलिस कमिश्नरेट था। लेकिन पुनर्गठन के बाद वाराणसी में थानों की संख्या 30 हो गई। नोएडा तीन जोन में विभाजित है और वहां कुल 26 थाने हैं। ऐसे में अब गौतमबुद्धनगर (नोएडा) सबसे छोटा पुलिस कमिश्नरेट हो गया है। वहीं लखनऊ का सबसे बड़े पुलिस कमिश्नरेट का रुतबा बरकरार रहेगा। विस्तार के बाद यहां दो महिला थानों को लेकर कुल 52 थाने हो गए हैं। विस्तार में पहले 45 थाने थे। कानपुर नगर पुलिस कमिश्नरेट में कुल चार जोन में 49 थाने होंगे। यह दूसरा सबसे बड़ा कमिश्नरेट होगा।