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UP News : पीडब्ल्यूडी में स्थानांतरण नीति के विपरीत हुए 26 जेई के ट्रांसफर रद्द

Tue, 10 Jan 2023 08:07 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

पीडब्ल्यूडी में स्थानांतरण घोटाला सामने आने पर तत्कालीन विभागाध्यक्ष समेत पांच अधिकारी व कर्मचारी निलंबित किए गए थे। इनमें से एक तत्कालीन वरिष्ठ स्टाफ अफसर की पांच वेतन वृद्धियां रोकने की संस्तुति भी उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से की जा चुकी है।
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जितिन प्रसाद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीडब्ल्यूडी में स्थानांतरण नीति का उल्लंघन कर किए गए 26 अवर अभियंताओं (जेई) के स्थानांतरण रद्द कर दिए गए हैं। इस संवर्ग के कुल तबादलों को निर्धारित 10 प्रतिशत की सीमा के भीतर लाने के लिए पीडब्ल्यूडी मुख्यालय ने डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के पदाधिकारियों के तबादले रद्द करने का सुझाव भेजा था, जिसे शासन ने नहीं माना। इसके बजाय उन जेई के तबादले रद्द करने का फैसला किया, जिन्हें 31 मार्च 2022 को मंडल में कार्य करते हुए 11 साल से अधिक, पर 12 साल से कम समय हुआ था। स्थानांतरण संबंधी आदेश खंडों को गुपचुप ढंग से पहुंचने पर अभियंताओं में खलबली मची हुई है।

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पीडब्ल्यूडी में स्थानांतरण घोटाला सामने आने पर तत्कालीन विभागाध्यक्ष समेत पांच अधिकारी व कर्मचारी निलंबित किए गए थे। इनमें से एक तत्कालीन वरिष्ठ स्टाफ अफसर की पांच वेतन वृद्धियां रोकने की संस्तुति भी उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से की जा चुकी है। अगर जेई के तबादलों को देखें तो स्थानांतरण सत्र 2022-23 में जेई (सिविल) के कुल 351 स्थानांतरण किए गए। इनमें 2 जेई का तबादला जांच शुरू होने से पहले ही निरस्त कर दिया गया था, जबकि तीन तबादलों को सूची से हटाया गया। 15 अवर अभियंताओं का स्थानीय स्तर पर समायोजन किया गया था। इस तरह से इन 20 पदों को घटाते हुए जेई (सिविल) के 331 स्थानांतरण हुए।

स्थानांतरण नीति में स्पष्ट प्रावधान है कि निर्धारित सक्षम स्तर से सिर्फ 10 प्रतिशत तक ही तबादले हो सकते थे। इस नियम के तहत 305 जेई के ही तबादले होने चाहिए थे। उच्चस्तरीय जांच कमेटी की रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आने पर निर्धारित सीमा से अधिक किए गए तबादलों को रद्द करने के लिए कहा गया था। 
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11 अगस्त 2022 को तत्कालीन प्रमुख अभियंता, नियोजन एवं परिकल्प विनोद कुमार श्रीवास्तव ने शासन को पत्र भेजकर कहा था कि डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ से जुड़े 29 और निजी कारणों के आधार वाले 5 यानी कुल 34 अवर अभियंताओं के तबादला आदेश रद्द कर दिए जाएं तो 10 प्रतिशत की सीमा का पालन हो जाएगा। पर, शासन ने इस प्रस्ताव को न मानते हुए 19-20 दिसंबर के अपने आदेश से उन 26 अवर अभियंताओं का तबादला रद्द किया, जो समयावधि के आधार पर बनाई गई सूची में अन्य से नीचे थे।

इन 26 जेई का तबादला रद्द
वीर बहादुर सिंह, देवेंद्र सिंह, बुद्ध विलास विश्वकर्मा, सत्यराम पाल, मंजीत कुमार, महेंद्र प्रताप सिंह, मदन कुमार भारतीय, रौदास कुमार, प्रफुल्ल कुमार श्रीवास्तव, राजदेव, राम प्रकाश, रामेश्वर यादव, पंकज गर्ग, महेंद्र कुमार सिंह, किरन कुमार, रोहित श्रीवास्तव, हरिशंकर श्रीवास्तव, ताराचंद्र, अजय सिंह, प्रदीप कुमार यादव, विशाल विश्वकर्मा, ओमप्रकाश यादव, राकेश कुमार, आशाराम, अशोक कुमार व महेश कुमार।

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