प्रदेश सरकार द्वारा हाल में गठित नई निकायों और सीमा विस्तार वाले कुल 38 नगर निकायों में भी वार्डों के परिसीमन का काम नये सिरे से कराने का फैसला किया गया है। इसके लिए नगर विकास विभाग द्वारा इन निकायों में वार्डों के परिसीमन का कार्यक्रम तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी किया जाएगा। वार्डों के परिसीमन के बाद आरक्षण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
दरअसल प्रदेश में नगर निकाय चुनाव नवम्बर में प्रस्तावित है। इसके मद्देनजर सभी निकायों में वार्डों के परिसीमन का काम पहले से ही चल रहा था। इसी बीच सरकार ने अब 18 नई नगर पंचायतों का गठन करने के साथ ही 20 नगर निकायों के भी सीमा विस्तार कर दिए हैं। साथ ही इन निकायों में भी चुनाव कराने का फैसला किया गया है। इसी कड़ी में शासन ने फैसला लिया है कि नवगठित और विस्तारित सभी 38 नगर निकायों में वार्डों का परिसीमन नये सिरे से कराया जाएगा।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक वार्डों के परिसीमन के बाद सात दिनों के भीतर इस संबंध में आपत्तियां व सुझाव मांगे जाएंगे। ताकि वार्डों के गठन का काम कम समय में पूरा किया जा सके। इस अवधि के बाद निकायों में वार्डों के परिसीमन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। वार्डों का गठन वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर किया जाएगा।
10 हजार की आबादी पर होंगे 10 वार्ड
नये निकायों में हाल में ही जारी मानक केमुताबिक वार्डों का गठन किया जाएगा। यानि 10 हजार की आबादी वाले निकायों में अधिकतम 10 वार्ड ही बनेंगे। इसके बाद अगर 10 हजार से 2500 तक की अधिक आबादी होगी तो एक वार्ड बढ़ जाएगा। यानि यदि किसी निकाय की आबादी 12,500 होगी तो उस निकाय में वार्डों की संख्या 11 रखी जा सकती है। इससे पहले सीमा विस्तार वाले 151 नगर निकायों में वार्डों के गठन का काम पूरा हो चुका है।