प्रदेश विभिन्न जेल में बंद दुर्दांत अपराधियों और माफियाओं के लिहाज से संवेदनशील 30 और जेलों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। साथ ही पहले से लगे कैमरों को अपग्रेड करने का भी काम शुरू कर दिय गया है, ताकि उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। ये सारे काम अगले महीने फरवरी के अंत तक पूरा करने की योजना है।
बता दें कि जेल प्रशासन विभाग ने जेल में कैमरा लगाने का प्रस्ताव पिछले साल ही शासन को भेजा था, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखा गया था। मुख्यमंत्री ने गृह विभाग के कैमरा लगाने के लिए 976 लाख रुपये का बजट जारी करने के निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में अब कार्यवाही शुरू की जा रही है। डीजी जेल आनंद कुमार ने बताया कि दूसरे चरण में 20 अन्य जेलों में भी पुराने कैमरों को हटाकर नए सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। इसके लिए भी 6 लाख रुपये का बजट जारी कर दिया है। यह काम भी अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा।
डीजी जेल ने बताया कि जेलों में सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए कैमरों की संख्या बढ़ाने के साथ उन्हे सर्विलांस से जोड़ने का काम भी तेजी से हो रहा है। इसी क्रम में पहले 30 जेलों में 933 सीसीटीवी लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जेलों में कैमरों की संख्या 34 से बढ़ाकर 50 से 60 तक किए जाएंगे। फिलहाल सबसे अधिक 46 कैमरे आगरा जिला कारागार में लगे हैं।
इन सभी कैमरों को कारागार मुख्यालय से सीधे जोड़ दिया गया है, ताकि कारागार मुख्यालय में संचालित कमांड सेंटर में वीडियो वाल के माध्यम से 24 घंटे जेलों की सीधी निगरानी की जा सके। उन्होंने बताया कि जिन जेलों में कैमरे बदले जा रहे हैं उनमें संवेदनशील बांदा जेल भी शामिल है, जहां माफिया मुख्तार अंसारी बंद है। इसके अलावा केंद्रीय कारागार आगरा, बरेली, फतेहगढ़, नैनी व वाराणसी में भी सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जा रही है।
इन 30 जेलों में बढ़ेंगे कैमरों की संख्या
केंद्रीय व जिला कारागार आगरा, बरेली, फतेहगढ़, नैनी, वाराणसी, फिरोजाबाद, अलीगढ़, सुल्तानपुर, कानपुर, कानपुर देहात, बुलंदशहर, मेरठ, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, वाराणसी, इटावा, गाजीपुर, मिर्जापुर, फैजाबाद, बाराबंकी, कन्नौज, आजमगढ़, सीतापुर, चित्रकूट, गोरखपुर, मुरादाबाद, उन्नाव, बांदा और प्रतापगढ़।
दूसरे चरण में इन 20 जेलों में लगेंगे कैमरे
रामपुर, रायबरेली, बागपत, लखीमपुर, मथुरा, देवरिया, झांसी, फतेहपुर, पीलीभीत, फतेहगढ़, बिजनौर, मैनपुरी, गोंडा, बहराइच, एटा, हरदोई, शाहजहांपुर, बदायूं, सहारनपुर और कौशांबी