सबकुछ सही रहा तो जनवरी से रोडवेज बसों की ट्रैकिंग शुरू हो जाएगी। इससे बस की स्पीड, लोकेशन आदि पर नजर रखी जा सकेगी। रोडवेज बसों में व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम(वीटीएस) डिवाइस लगाने के लिए टेंडर 23 को फाइनल हो जाएंगेे।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के बेड़े में 12 हजार से अधिक बसों में वीटीएस लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परिवहन निगम के अधिकारियों के साथ प्री बिड के लिए 16 कंपनियों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई है और टेंडर के लिए आवेदन किए गए हैं। अधिकारी बताते हैं कि बसों में वीटीएस लगने पर बसों की लोकेशन, स्पीड वगैरह जांची जा सकेगी। इतना ही नहीं हादसा होने पर तत्काल राहत पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।
ओवरस्पीड होने पर ड्राइवरों को चेतावनी भी दी जा सकेगी। रोडवेज अफसर यह भी बताते हैं कि बसों की लोकेशन की मॉनिटरिंग करने के लिए परिवहन निगम मुख्यालय पर पहले से ही बने सेंट्रल कंट्रोल एंड कमांड सेंटर को और भी आधुनिक बनाया जाएगा। यहीं से प्रदेश भर की बसों की मॉनिटरिंग होगी।
23 को फाइनल होगा टेंडर
16 कंपनियों ने प्री बिड की बैठक में हिस्सा लिया था। टेंडर का काम 23 को फाइनल हो जाएगा। बसों में हाई क्वालिटी वीटीएस लगाया जाएगा, जिससे लोकेशन ट्रेस करने के साथ ही ओवरस्पीड से ड्राइवरों को रोका जा सकेगा।
-यजुवेंद्र सिंह, प्रधान प्रबंधक(आईटी), परिवहन निगम