इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने वर्ष 2020 में निर्वाचित 10 राज्यसभा सांसदों का चुनाव रद्द करने की याचिका खारिज कर दी है। राज्यसभा चुनाव में सपा समर्थित उम्मीदवार प्रकाश बजाज ने अपना नामांकन निरस्त होने के खिलाफ में चुनाव याचिका दायर की थी। कोर्ट ने कहा कि याची पूरे तौर पर नामित प्रत्याशी नहीं था और न ही वह चुनाव में सम्यक रूप से नामित प्रत्याशी होने का दावा कर सका। इसलिए वह चुनाव याचिका दायर करने लायक नहीं है। ऐसे में याचिका खारिज की जाती है। न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह ने बुधवार को यह फैसला सुनाया।
पहले कोर्ट ने सभी पक्षकारों (नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्यों) को याचिका पर आपत्तियां और अर्जी दाखिल करने का वक्त दिया था। याची ने यह कहते हुए चुनाव रद्द किए जाने का आग्रह किया था कि चुनाव में याची का नामांकन अनुचित तरीके से खारिज किया गया और पक्षकारों के नामांकन को भी अनुचित तरीके से मंजूर किया गया, जो कि कानून की मंशा के खिलाफ था। इससे चुनाव का परिणाम गंभीर रूप से प्रभावित हुआ।
उधर याचिका में पक्षकार बनाए गए भाजपा के अरुण सिंह, गीता शाक्य, हरदीप पुरी, हरद्वार दुबे, सीमा द्विवेदी, नीरज शेखर, बृजलाल, बीएल वर्मा समेत सपा के रामगोपाल यादव व बसपा के रामजी की ओर से इसका विरोध किया गया। भाजपा के सदस्यों की ओर से अधिवक्ता कुलदीप पति त्रिपाठी व अन्य वकील पेश हुए।