पीडब्ल्यूडी मुख्यालय ने इन स्थितियों पर काबू पाने के लिए 31 मार्च तक के लिए विशेष व्यवस्था की है। प्रमुख अभियंता, परिकल्प एवं नियोजन नए कार्यों के एस्टीमेट की मुख्यालय पर जांच करवाते हुए शासन को भेजेंगे।
बजट लैप्स होने की संभावना को कम करने के लिए पीडब्ल्यूडी ने बड़ा फैसला किया है। जहां भी नए कार्यों के लिए एस्टीमेट भेजने या चालू कामों के लिए राशि की मांग में देरी पाई जाएगी, वहां के संबंधित अधिकारी को हटाकर नए अधिकारी को तैनात किया जाएगा। नए और चालू कार्यों के लिए बजट की मांग के लिए दो प्रमुख अभियंताओं को नियमित निगरानी की जिम्मेदारी भी दी गई है।
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पीडब्ल्यूडी मुख्यालय से जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि क्षेत्रीय कार्यालयों से कई बार अनुरोध करने के बाद भी स्वीकृत कार्ययोजना में शामिल कामों के एस्टीमेट प्राप्त नहीं हो रहे हैं। जबकि वर्तमान वित्त वर्ष समाप्त होने में मात्र एक माह का समय ही बचा है। इससे नए कामों के सापेक्ष आवंटित बजट की धनराशि लैप्स होने की संभावना बन रही है, जोकि विभाग के लिए अत्यंत गंभीर स्थिति होगी। इसके अलावा चालू कार्यों में राज्य मार्गों, प्रमुख जिला मार्गों औरअन्य जिला मार्गों की राज्य योजना में स्वीकृत चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण के कामों के लिए अपेक्षित धनराशि की मांग नहीं की जा रही है। जबकि इस श्रेणी के अधिकांश कार्यों की अनुबंधित तिथि निकल चुकी है या निकलने वाली है।
31 मार्च तक होगी नियमित निगरानी
पीडब्ल्यूडी मुख्यालय ने इन स्थितियों पर काबू पाने के लिए 31 मार्च तक के लिए विशेष व्यवस्था की है। प्रमुख अभियंता, परिकल्प एवं नियोजन नए कार्यों के एस्टीमेट की मुख्यालय पर जांच करवाते हुए शासन को भेजेंगे। प्रमुख अभियंता कार्यालय से संबद्ध मुख्य अभियंता उनका सहयोग करेंगे। इसी तरह से प्रमुख अभियंता, ग्रामीण सड़क चालू कार्यों के लिए बजट की मांग शासन को भिजवाएंगे। इस काम में उनकी मदद प्रमुख अभियंता कार्यालय से संबद्ध एक्सईएन करेंगे। अगर धन की मांग या एस्टीमेट भेजने में विलंब सामने आएगा तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रस्ताव विभागाध्यक्ष को भेजा जाएगा।