सीएमसी लिमिटेड के मैनेजर अजय सिंह, सीएमएस कंप्यूटर्स लिमिटेड के क्षेत्रीय प्रबंधक राजीव मेहता, प्रोजेक्ट मैनेजर प्रदीप विसारिया, सीनियर टेरोटरी मैनेजर रंजीत कुमार सतपथी, रैम इंफार्मेटिक्स के डीबीए आशीष झा, प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर प्रतीश पाटनी व प्रोजेक्ट मैनेजर अवनीश कुमार श्रीवास्तव नामजद हुए हैं।
ऑनलाइन बिलिंग के डाटा में हेराफेरी कर लेसा, लखनऊ को करीब 1.10 करोड़ की चपत लगाने वाली तीन कंपनियाें के खिलाफ स्टेट एसआईटी (एसएसआईटी) ने मुकदमा दर्ज किया है। वर्ष 2004 से 2008 के दौरान अंजाम दिए गए इस घोटाले की जांच के आदेश शासन ने एसएसआईटी को दिए थे। जांच में सामने आया है कि लेसा से ऑनलाइन बिलिंग के लिए अनुबंध करने वाली सीएमसी, सीएमएस एवं रैम इंफार्मेटिक्स कंपनी ने उपभोक्ताओं की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा अंजाम दिया।
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शासन ने 17 अगस्त 2010 को ऑनलाइन बिलों में हेराफेरी कर लेसा को करीब 2.50 करोड़ की वित्तीय क्षति पहुंचाने के प्रकरण की जांच एसएसआईटी को सौंपी थी। जांच में सामने आया कि ऑनलाइन बिलिंग का कार्य करने वाली तीन कंपनियों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उपभोक्ताओं के बिजली बिल के डाटा में छेड़छाड़ कर निर्धारित से कम मूल्य के फर्जी बिल बनाए। बिलिंग सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी कर बकाया और अधिभार हटाकर बिलों का एरियर ड्रॉप किया। इससे लेसा को वर्ष 2004 में 187 उपभोक्ताओं के बिलों में करीब 4.88 लाख रुपये, वर्ष 2005 में 21 उपभोक्ताओं के बिलों में 29,458 रुपये, वर्ष 2006 में 22 बिलों में 86,140 रुपये, वर्ष 2007 में 303 बिलों में 66,13,506 रुपये, वर्ष 2008 में 135 बिलों में 37,90,694 रुपये एरियर की हेराफेरी से राजस्व की हानि हुई। इस तरह कुल 668 उपभोक्ताओं के बिलों में हेराफेरी करके 1.10 करोड़ की वित्तीय क्षति लेसा, लखनऊ को पहुंचाई गई।
ये हुए नामजद
सीएमसी लिमिटेड के मैनेजर अजय सिंह, सीएमएस कंप्यूटर्स लिमिटेड के क्षेत्रीय प्रबंधक राजीव मेहता, प्रोजेक्ट मैनेजर प्रदीप विसारिया, सीनियर टेरोटरी मैनेजर रंजीत कुमार सतपथी, रैम इंफार्मेटिक्स के डीबीए आशीष झा, प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर प्रतीश पाटनी व प्रोजेक्ट मैनेजर अवनीश कुमार श्रीवास्तव।