प्रदेश में तमाम लोग लग्जरी गाड़ियां दिल्ली, हरियाणा सहित अन्य राज्यों से खरीदते हैं। उनकी कोशिश होती है कि वे पंजीयन अपने पसंदीदा जिले से कराएं और मनपसंद नंबर भी हासिल करें। लेकिन परिवहन विभाग की पाबंदी की वजह से यहां पंजीयन नहीं करा पाते थे। अब विभाग ने नियमावली में बदलाव करते हुए आदेश जारी किया है कि दूसरे राज्य से वाहन खरीद कर टेंपरेरी रजिस्ट्रेशन (टीआर) पर एनओसी लेकर आने वाली गाड़ियों को भी उत्तर प्रदेश का वीआईपी नंबर दिया जाएगा। अनापत्ति प्रमाण पत्र होने पर केंद्रीय मोटर यान नियमावली 1989 के नियम 54 के तहत अधिनिधिनियम की धारा 47(1) के तहत फार्म 27 में आवेदन करना होगा। फैंसी व चॉइस नंबरों (वीआईपी) का आरक्षण ऑनलाइन नीलामी और प्रथम आगत-प्रथम पावत के आधार पर दी जाएगी। जो सर्वाधिक बोली लगाएगा, उसे संबंधित वीआईपी नंबर आवंटित कर दिया जाएगा। इससे वाहन स्वामियों को जहां वीआईपी नंबर मिल सकेगा वहीं विबाग को करोड़ों रुपये का राजस्व हासिल होगा।