मनरेगा में कार्यरत सहायक कार्यक्रम अधिकारी, कम्प्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार और ग्राम रोजगार सहायकों को करीब तीन महीने से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया था। वहीं मनरेगा में निर्माण सामग्री की आपूर्ति करने वाली फर्मों को भी तीन चार महीने से भुगतान नहीं किया गया था।
मनरेगा में कार्यरत करीब चालीस हजार से अधिक संविदा कार्मिकों को तीन महीने बाद मानदेय का भुगतान होगा। शासन ने मानदेय भुगतान के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। निर्माण सामग्री के बकाया भुगतान के लिए भी 800 करोड़ रुपये जारी किए है।
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मनरेगा में कार्यरत सहायक कार्यक्रम अधिकारी, कम्प्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार और ग्राम रोजगार सहायकों को करीब तीन महीने से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया था। वहीं मनरेगा में निर्माण सामग्री की आपूर्ति करने वाली फर्मों को भी तीन चार महीने से भुगतान नहीं किया गया था। इसके चलते कुछ जिलों में स्थायी निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे थे। शासन ने सोमवार को मानदेय और निर्माण सामग्री के भुगतान के लिए बजट जारी किया है।