हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के स्तर पर उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में पर्यवेक्षक पद पर चयनित अभ्यर्थी से ज्यादा अंक पाने वाले को नियुक्ति न किए जाने पर जवाब तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक चौधरी की एकल पीठ ने देते हुए अधीनस्थ चयन सेवा चयन आयोग को अपना जवाब दाखिल करने के लिए दस दिन की मोहलत दी है।
मनीष कुमार बनाम उत्तर प्रदेश सरकार के मामले में याचीकर्ता की तरफ से मौजूद अधिवक्ता दीपक सिंह ने कोर्ट को बताया कि याची ने वर्ष 2016 में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ चयन आयोग की तरफ से निकाली गई भर्थी प्रक्रिया में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के पर्यवेक्षक पद पर आवेदन किया था। इस पद की चयन प्रक्रिया दिसंबर 2021 में साक्षात्कार के साथ पूर्ण हुई। इसका अंतिम परिणाम जारी होने पर याची का चयन अंतिम चयनित अभ्यर्थी से ज्यादा अंक प्राप्त होने के बावजूद नहीं हुआ।
इस संबंध में चयन आयोग से कई बार जानकारी मांगी गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। विवश होकर याची ने न्याय पाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। कोर्ट ने अपने आदेश में चयन आयोग को दस दिन में अपना जवाब दाखिल करते हुए यथा स्थिति से अवगत कराने के लिए आदेशित करते हुए मामले की सुनवाई के लिए 16 मार्च की तारीख तय की है।