प्रदेश के 41 राजकीय एवं स्वशासी मेडिकल कॉलेजों में एक-एक अतिरिक्त लिक्विड मेडिकल आक्सीजन प्लांट लगाए जाएंगे। इसमें 27 कॉलेजों के लिए लाइसेंस जारी हो गया है, जबकि अन्य के लिए प्रक्रिया चल रही है। संबंधित कॉलेजों के प्रधानाचार्य को जल्द से जल्द लाइसेंस लेने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश के 45 मेडिकल कॉलेजों में आक्सीजन जनरेटर के साथ ही लिक्विड मेडिकल आक्सीजन (एलएमओ) प्लांट लगाए जा चुके हैं। केजीएमयू, एसजीपीजीआई में तीन-तीन एलएमओ प्लांट लगे हैं। इसी तरह कुछ कॉलेजों में दो-दो प्लांट लगे हैं। कोविड के मद्देनजर जहां पहले से प्लांट हैं, वहां अतिरिक्त एलएमओ की व्यवस्था की जा रही है। ताकि किसी तरह की जरूरत पड़ने पर आक्सीजन की कमी न होने पाए। करीब 65 लाख की लागत से लगने वाले यह प्लांट इमरजेंसी कोविड रिस्पॉस पैकेज के तहत लगाए जा रहे हैं। इसे लगाने की जिम्मेदारी निजी कंपनी आईनॉक्स को दी गई है।
यहां जल्द शुरू होगा काम
प्रदेश मेडिकल कॉलेजों में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट के लिए पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिवस सेफ्टी आर्गेनाइजेशन (पीईएसओ) से लाइंसेंस लिया जाता है। लाइसेंस मिलने के बाद अब केजीएमयू, पीजीआई, लोहिया संस्थान के अलावा गोरखपुर, आगरा, कानपुर, मेरठ, झांसी, बांदा, जालौन, अयोध्या, बस्ती, फिरोजाबाद, शाहजहांपुर, देवरिया, प्रतापगढ़, अंबेडकर नगर, कन्नौज, प्रयागराज, आजमगढ़, बदायूं, बहराइच, गाजीपुर, एटा, जौनपुर, हरदोई, मिर्जापुर, सुल्तानपुर में प्लांट लगाने की तैयारी शुरू हो गई है।
जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया है कि जहां भी लिक्विड मेडिकल आक्सीजन प्लांट लगने हैं, उसे जल्द से जल्द लगवाया जाए। जहां अभी तक लाइसेंस नहीं मिल पाया है, वहां सभी पत्रावलियां पूरी करकेलाइसेंस की प्रक्रिया पूरी कराई जाए। ताकि कोविड जैसी समस्या होने पर मरीजों को किसी तरह की समस्या न हो।