आंधी बारिश से जूझ रहे किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने खरीफ एवं जायद फसलों की बोआई के लिए अनुदान की घोषणा की है। 50 प्रतिशत अनुदान पर बीज दिए जाएंगे। बारिश प्रभावित जिलों में बीजों की निशुल्क मिनी किट बांटीं जाएंगी। कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने यह घोषणा करते हुए कहा कि सरकार हर संकट में किसानों के साथ खड़ी है।
विधानभवन स्थित सभागार में बुधवार को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि सरकार किसानों को आपदा राहत राशि समय से देगी। इसका सर्वे चल रहा है और इसी माह उनके खातों में राहत राशि पहुंच जाएगी। इसके अलावा खास तौर पर बाजरा, ज्वार, मक्का आदि के हाइब्रिड बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर दिए जाएंगे। इससे जहां प्रदेश में 2.5 लाख हेक्टेयर रकबा बढ़ेगा तो वहीं उत्पादन लगभग दोगुना होने का अनुमान है। वर्तमान में प्रदेश में जायद फसलों का आच्छादन लगभग 9 लाख हेक्टेयर है। यह भी बढे़गा। वहीं 1.5 करोड़ किसानों को इससे अतिरिक्त आय होगी।
वर्षा के कारण खास तौर सरसों व अन्य फसल को नुकसान हुआ है। ऐसे जिलों में श्री अन्न के बीजों की मिनी किट निशुल्क बांटी जाएंगी। यह अभियान 18 मार्च के बाद ही शुरू हो गया था। मऊ, गाजीपुर, आजमगढ़ में एक हजार किसानों को, गोरखपुर, मेरठ, अयोध्या में 600- 600 किसानों को बीज बांटे गए।
इसी माह अनुदान
मंत्री के मुताबिक विकासखंड स्तर पर बीज भंडारों में स्टाल लगाकर किसानों को 10 हजार रुपयों से कम कीमत के कृषि यंत्र 50 प्रतिशत अनुदान पर दिए जा रहे हैं। इसके लिए किसानों को पहले से टोकन जनरेट करने की आवश्यकता नहीं है। विभाग के स्टॉल से या बाजार से अधिसूचित कंपनियों से कृषि यंत्र खरीदने पर तत्काल उनका बिल पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाता है। इसी आधार पर किसानों को उनकी अनुदान राशि उनके आधार लिंक खातों में इसी माह भेज दी जाएगी। यह कार्यक्रम भी 27 मार्च तक चलेगा।
आपदा से 29 लोगों की हुई अब तक मौत
कृषि मंत्री ने बताया कि इस आपदा से अब तक 29 लोगों की मौत हुई है। आकाशीय बिजली से 17, डूबने से 10, ओलावृष्टि तथा सर्पदंश से एक एक व्यक्ति की मौत हुई। इन सभी के परिवारों को 4 -4 लाख रुपए की सहायता राशि दी गई है। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी, कृषि निदेशक विवेक सिंह तथा कृषि विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।