दुधवा में एक के बाद एक तीन बाघों और एक तेंदुए की मौत से हड़कंप मचा हुआ है। सीएम ने वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में एक कमेटी मौके पर भेजी। सूत्रों के मुताबिक, इस कमेटी की रिपोर्ट को सरकार पर्याप्त नहीं मान रही है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर बी प्रभाकर और बफर जोन के डीएफओ सुंदरेश को हटा दिया गया है। बरेली के मुख्य वन संरक्षक ललित वर्मा को दुधवा के फील्ड डायरेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। बाघों की मौत के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीर रुख अपनाया है। इस मामले में जांच विशेषज्ञों की उच्चस्तरीय टीम से कराने का फैसला भी किया गया है।
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दुधवा में एक के बाद एक तीन बाघों और एक तेंदुए की मौत से हड़कंप मचा हुआ है। सीएम ने वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में एक कमेटी मौके पर भेजी। सूत्रों के मुताबिक, इस कमेटी की रिपोर्ट को सरकार पर्याप्त नहीं मान रही है। जिस तरह से जांच से पहले ही दुधवा में बयान दिए गए, उसे भी ठीक नहीं माना गया। इसलिए फील्ड डायरेक्टर और डीएफओ को हटाते हुए जांच कराने का निर्णय लिया गया।
अब बी. प्रभाकर के पास जैव विविधता बोर्ड के सचिव की जिम्मेदारी ही रहेगी। दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन के डीएफओ सुंदरेश को इसी पद पर एटा भेजा गया है। अब विशेषज्ञों की कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद अफसरों पर भी विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही है। बरेली के मुख्य वन संरक्षक का चार्ज वहां के वन संरक्षक विजय सिंह को दिया गया है।