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UP News : प्रत्येक सर्वेयर एक माह में 1500 खेतों का सर्वे करे, डिजिटल क्रॉप सर्वे में तेजी लाने के दिए निर्देश

Sun, 03 Sep 2023 09:32 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

लक्ष्य तय किया गया कि प्रत्येक सर्वेयर माह में 1500 प्लॉट्स और 45 दिन में 2250 प्लॉट्स का सर्वे सुनिश्चित करे। साथ ही, 54 जिलों के 10 राजस्व ग्रामों में भी अगले 15 दिनों में सर्वे पूरा करें।
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मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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प्रदेश में डिजिटल क्रॉप सर्वे को लेकर सरकार ने जिलाधिकारियों को तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। प्रोजेक्ट के प्रजेंटेशन में मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा कि 21 जिलों में सर्वे पूरा हो गया है पर यहां डीएम खुद इस सर्वेक्षण का सत्यापन कराएं। लक्ष्य तय किया गया कि प्रत्येक सर्वेयर माह में 1500 प्लॉट्स और 45 दिन में 2250 प्लॉट्स का सर्वे सुनिश्चित करे। साथ ही, 54 जिलों के 10 राजस्व ग्रामों में भी अगले 15 दिनों में सर्वे पूरा करें।

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प्रदेश में डिजिटल क्रॉप सर्वे चल रहा है। इसके लिए स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (एसपीएमयू) की स्थापना की गई है, जबकि 10 सेक्टर्स में हेल्प डेस्क भी संचालित की जा रही है। सर्वेयर्स को इंटरनेट कनेक्टिविटी और पावर बैंक से जोड़ा गया है। मुख्य सचिव के समक्ष रविवार को हुए कृषि विभाग के प्रस्तुतिकरण में बताया गया है कि 21 जिलों में डिजिटल क्रॉप सर्वे पूर्ण कर लिया गया है, जबकि 54 जिलों में यह प्रगति पर है। 534 राजस्व ग्रामों में सर्वे का कार्य चल रहा है जबकि 75 राजस्व ग्रामों का सर्वे का कार्य पूर्ण भी हो चुका है।

मिर्जापुर सबसे तेज
इसमें मिर्जापुर में सर्वाधिक 2607 प्लॉट्स में डिजिटल क्रॉप सर्वे कर लिया गया है। यहां सर्वाधिक 17 राजस्व ग्रामों में डिजिटल क्रॉप सर्वे किया जा चुका है।इसके बाद प्रतापगढ़ (2543), सुल्तानपुर (2370), जालौन (2047), झांसी (2027), फर्रुखाबाद (1486), फिरोजाबाद (1183), गाजीपुर (1147), देवरिया (1136) और ललितपुर (1124) प्लाट शामिल है।
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ई पड़ताल का नामई-खसरा (ई-पड़ताल) रखें
मुख्य सचिव ने कहा कि डिजिटल टेक्नोलॉजी के प्रयोग से कराए जा रहे ई-सर्वे में सटीक आंकड़े सामने आएंगे। ई-पड़ताल का नाम ई-खसरा (ई-पड़ताल) रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ई-पड़ताल के तमाम फायदे हैं।

प्राप्त आंकड़ों का उपयोग प्लानिंग टूल के रूप में किया जाएगा। इससे न केवल फसल के सटीक आंकड़े प्राप्त होंगे और रियल टाइम होंगे, बल्कि किस फसल का उत्पादन कम या अधिक होगा, इसकी जानकारी पहले से होने से कार्यवाही की जा सकेगी। सटीक रिपोर्टिंग से जनपद के कृषि सेक्टर की जीडीपी भी बढ़ेगी। सर्वे में कहीं कोई बड़ी समस्या नहीं है, छोटी मोटी समस्याओं का हेल्प डेस्क द्वारा समाधान कराया जा रहा है। एप के माध्यम से बहुत आसानी से डाटा कलेक्शन हो रहा है।

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