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Lucknow : प्रदेश के निजी नर्सिंग कॉलेजों पर कसा शिकंजा, 16 जनवरी तक मांगा गया अस्पतालों का ब्योरा

Mon, 16 Jan 2023 02:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

प्रदेश के निजी नर्सिंग कॉलेजों पर निरंतर शिकंजा कसा जा रहा है। अब सभी कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि वे 16 जनवरी तक उन अस्पतालों को ब्योरा दें जहां छात्र प्रशिक्षण ले रहे हैं।
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(सांकेतिक तस्वीर)
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विस्तार
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प्रदेश के निजी नर्सिंग कॉलेजों पर निरंतर शिकंजा कसा जा रहा है। अब सभी कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि वे 16 जनवरी तक उन अस्पतालों को ब्योरा दें जहां छात्र प्रशिक्षण ले रहे हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से मेडिकल के साथ नर्सिंग एवं पैरामेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत कॉलेजों में अध्यापकों की डिजिटल हाजिरी, लैब की व्यवस्था आदि सुधारी जा रही है। नर्सिंग छात्र अपनी विधा में पूरी तरह से पारंगत हों, इसके लिए उन्हें अस्पतालों में संबद्ध किया जाता है।

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अब उत्तर प्रदेश स्टेट मेडिकल फैकल्टी के सचिव डॉ. आलोक कुमार श्रीवास्तव ने सभी नर्सिंग कॉलेजों के प्रधानाचार्य एवं प्रबंधक को निर्देश दिया है कि वे कॉलेज से संबद्ध अस्पताल का ब्यौरा दें। इसमें कॉलेज से जुड़े कुछ के अस्पताल, संबद्ध चिकित्सालय एवं सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बारे में जानकारी मांगी गई है। आनलाइन पूरा विवरण लेने के बाद संबंधित अस्पतालों में जांच कर देखा जाएगा कि कॉलज के छात्र-छात्राएं वहां प्रशिक्षण प्राप्त करने हैं अथवा नहीं। जिन कॉलेजों के छात्र अस्पताल नहीं जाते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

लगातार मिल रही है शिकायत
फैकल्टी को लगातार शिकायत मिल रही है कि कई कॉलेज ऐसे हैं, जो सिर्फ डिग्री दे रहे हैं। इन कॉलेजों के छात्र नियमित क्लास भी नहीं करते हैं। वे अस्पताल में भी प्रशिक्षण नहीं लेते हैं। यही वजह है कि उन्हें चिकित्सकीय जानकारी नहीं हो पाती है। इन शिकायतों के मद्देनजर जांच का दायरा बढ़ाने का फैसला लिया गया है ताकि नर्सिंग शिक्षा सिर्फ कागजी न रह जाए।
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कॉरपोरेट अस्पतालों में होना है चयन
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने कई कॉरपोरेट अस्पतालों से एमओयू किया है। यदि नर्सिंग छात्र अस्पताल में प्रशिक्षण नहीं लेंगे तो उन्हें संबंधित विधा की विधिवत जानकारी नहीं होगी। ऐसे में कॉरपोरेट अस्पतालों मेंं इन छात्रों को भेजने की मंशा पर पानी फिर जाएगा। जब कॉरपोरेट अस्पताल के मानक पर छात्र खरे नहीं उतरेंगे तो भविष्य में नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता पर भी सवाल उठेगा। यही वजह है कि विभाग हर स्तर पर कड़ाई करके नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता को प्राथमिकता दे रहा है।

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