यूपी विधान परिषद में सोमवार को नेता सदन व उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सपा पर तंज कसते हुए कहा कि भारत-पाक मैच में भारत जीत जाए और विराट कोहली का शतक बन जाए तो भी इनको तकलीफ होती है। सपा पर महाकुंभ का दुष्प्रचार करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि उनका काम दूध में नींबू डालने का है और हम दूध में चीनी डालने का काम करते हैं। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान हंगामा करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए केशव ने कहा कि सपा को इसके लिए खेद जताना चाहिए।
केशव ने कहा कि विपक्ष के हंगामे से राज्यपाल को अधूरा भाषण छोड़कर जाना पड़ा, वो भी तब, जब विपक्ष को अपनी बात कहने का पूरा मौका दिया जा रहा है। ये घोर निंदनीय है। प्रयागराज महाकुंभ में हुई भगदड़ पर राज्यपाल ने संवेदना जताई, लेकिन सपा को दृष्टिदोष हो गया है इसीलिए महाकुंभ को भाजपा का बता दिया। ममता बनर्जी के मृत्युकुंभ कहने पर अखिलेश यादव के समर्थन करने पर केशव ने हैरानी जताते हुए कहा कि तमाम दुष्प्रचार के बावजूद श्रद्धालुओं को आने से नहीं रोक सके। यही आचरण रहा तो समाजवादी पार्टी जल्द ही समाप्तवादी पार्टी बन जाएगी।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकारी भेदभाव नह करती इसीलिए भगवान बुद्ध के पवित्र स्थलों सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती और कौशांबी का विकास कराया। सपा-कांग्रेस की डबल इंजन की सरकार में सभी व्यवस्थाएं ध्वस्त थीं। सपा सरकार में बिजली सप्लाई सिर्फ पांच वीआईपी जिलों तक सीमित थी, आज सभी 75 जिले वीआईपी हैं। आज अमेरिका का राष्ट्रपति भी पीएम मोदी के सम्मान में खड़ा होता है। ये हम 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है।
मिनरल वाटर पीने वालों को गंगाजल गंदा ही दिखेगा : शर्मा
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ का विपक्ष के लोग मजाक उड़ा रहे हैं। अखिलेश यादव ने महाकुंभ शुरू होने के तीन महीने पहले ही छींटाकशी शुरू कर दी थी। खाली खड़े खंभों की फोटो लगाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। आज नासा भी महाकुंभ की चकाचौंध देख रहा है। हवाई जहाज के टिकटों की कीमत पोस्ट की, लेकिन ये नहीं देखा कि गरीबों की जिंदगी कैसे बदली है। कोई दातून बेचकर दो से तीन हजार रोज कमा रहा तो कोई हजामत बनाकर रोजाना 5000 कमा रहा है। आलता लगाने वाली महिलाओं से लेकर नाविकों जैसे लाखों लोगों को रोजगार महाकुंभ ने दिया है। कहा, जो लोग मिनरल वाटर पीने के आदी हैं, उन्हें गंगा जल गंदा ही दिखेगा। उन्होंने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि बाहर जब भी बात करें तो देश की बात करें। घर में शादी होती है तो खामियां रह जाती हैं, फिर ये 62 करोड़ से ज्यादा लोगों का महाकुंभ है इसलिए शादी में नाराज होने वाले फूफा की भूमिका विपक्ष न निभाए।
महाकुंभ से बड़ा इन्वेस्टर समिट कोई नहीं : सलिल
एमएलसी सलिल विश्नोई ने कहा कि हम लोग भाग्यशाली हैं कि 62 करोड़ श्रद्धालुओं का अमृत स्नान देखा। अयोध्या में भव्य राममंदिर देखा। काशी कॉरिडोर देखा। अब वृंदावन कॉरिडोर देखेंगे। महाकुंभ के आयोजन में 7500 करोड़ खर्च हुए। इसमें 1500 करोड़ रेलवे, एयरपोर्ट जैसी स्थायी व्यवस्था पर और शेष 6000 करोड़ रुपये अन्य तैयारियों पर। इससे करीब 6 लाख करोड़ रुपये आए। यह देश ही नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा इन्वेस्टर समिट है। एमएलसी श्रीचंद्र वर्मा ने कहा कि महाकुंभ के सफल आयोजन से विपक्ष को मिर्ची लग रही है। एमएलसी मोहित बेनीवाल ने महाकुंभ को सेवा का महाकुंभ बताया।