उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण केवल औपचारिकता के रूप में नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि के अनुरूप किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही, उदासीनता अथवा अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। लापरवाही करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों एवं जरूरतमंद वर्गों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन ही सुशासन की पहचान है।
भूमि विवाद एवं अवैध कब्जों से जुड़े मामलों पर गंभीर रुख अपनाते हुए उप मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों को राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम के माध्यम से मौके पर जांच कराकर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गरीबों, कमजोर वर्गों का उत्पीड़न करने, अवैध कब्जा करने एवं दबंगई दिखाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि “जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का समाधान कर उसे न्याय दिलाना सरकार की प्रतिबद्धता है। जन समस्याओं का निस्तारण भी होगा और पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की मंशा के अनुरूप जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करें।