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UP News : संगठित तरीके से कर चोरी करने वाली कंपनियां राज्यकर के निशाने पर

Wed, 09 Nov 2022 10:24 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

कर चोरी रोकने के लिए ट्रांसपोर्टर, कंपनियों, वाहनों, व्यापारिक संस्थाओं, सर्वाधिक खरीद व बिक्री वाली वस्तुओं के आपूर्तिकर्ता आदि के व्यापारिक लेन-देन पर गोपनीय नजर रखी जाएगी।
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विस्तार
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प्रदेश में ऑनलाइन मॉनिटरिंग शुरू होने के बावजूद कई जोन में संगठित रूप से कर चोरी की जा रही है। राज्यकर मुख्यालय को लगातार इसकी शिकायतें मिल हैं। कर चोरी रोकने के लिए ट्रांसपोर्टर, कंपनियों, वाहनों, व्यापारिक संस्थाओं, सर्वाधिक खरीद व बिक्री वाली वस्तुओं के आपूर्तिकर्ता आदि के व्यापारिक लेन-देन पर गोपनीय नजर रखी जाएगी। 

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दरअसल जीएसटी और नेशनल ई-वे बिल व्यवस्था लागू होने के कारण राज्यकर विभाग के सभी कार्य ऑनलाइन हो रहे हैं। इसलिए विभागीय पोर्टल पर सभी क्रियाकलापों का डाटा उपलब्ध है। राज्यकर आयुक्त के निर्देश पर इन दिनों डाटा की छानबीन की जा रही है।
 
खासतौर पर टैक्स वसूली से जुड़े डाटा का विश्लेषण किया गया तो कई प्रांतों के जरिए प्रदेश में संगठित तरीके से कर चोरी के मामले सामने आए हैं। इनमें ट्रांसपोर्टर, कंपनियों, वाहनों, व्यापारिक संस्थाओं और सर्वाधिक खरीद-बिक्री करने वाली संस्थाओं के शामिल होने के भी संकेत मिले हैं। इसके मद्देनजर कमिश्नर ने संगठित तरीके से हो रही कर चोरी को रोकने के कई कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
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इसके तहत अब जोन स्तर पर एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 व ग्रेड-2 के संयुक्त नेतृत्व में रणनीति तैयार की जाएगी। साथ ही कर चोरी से संबंधित मामलों की जांच के लिए जोन के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 को टीम गठित करने के लिए अधिकृत किया गया है। वह किसी भी अधिकारी के नेतृत्व में टीम गठित कर मामले की जांच करा सकते हैं।

दूसरे जोन के अधिकारी भी करेंगे जांच
नई व्यवस्था के मुताबिक संगठित कर चोरी का दायरा एक जोन से अधिक जोन में होना पाया गया तो राज्यकर कमिश्नर से मंजूरी लेकर एक जोन के अधिकारियों को दूसरे जोन में भी कार्यवाही करने के लिए अधिकृत किया जा सकेगा। 

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