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UP News: धर्मांतरण के आरोपी छांगुर बाबा और सात अन्य पर आरोप तय, दो मई को विशेष कोर्ट में होगी गवाही

Mon, 20 Apr 2026 09:09 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

एटीएस ने 16 नवंबर 2024 को गोमती नगर थाने में मुख्य आरोपी छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन, नीतू उर्फ नसरीन, नवीन रोहरा व अन्य लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एफआईआर के मुताबिक आरोपी विदेशी फंडिंग की मदद से बड़े पैमाने पर अवैध रूप से धर्मांतरण कर रहे हैं।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
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विदेशी फंडिंग से आए धन का दुरुपयोग करके, प्रलोभन देकर और डर दिखाकर हिंदुओं और गैर मुस्लिमों का अवैध रूप से धर्मांतरण करने एवं दुराचार के आरोपी जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा सहित आठ आरोपियों के ऊपर आरोप तय हो गए हैं। एनआईए की विशेष न्यायाधीश नीतू पाठक ने सभी आरोपियों पर आरोप तय करते हुए गवाही के लिए दो मई की तारीख तय की है।

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इसके पहले आरोपी जलालुद्दीन उर्फ छांगुर, नीतू रोहरा उर्फ नसरीन, सबरोज, शहाबुद्दीन, रशीद, राजेश कुमार उपाध्याय, नवीन रोहरा उर्फ जमालुद्दीन और महबूब को जेल से लाकर कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सभी आरोपियों के खिलाफ 16 नवंबर 2015 के बाद विभिन्न स्थानों पर गिरोह बनाकर हिंदुओं एवं गैर मुस्लिम धर्म के लोगों को भय व प्रलोभन देकर अवैध धर्मांतरण करने का आरोप लगाया है।

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कोर्ट ने कहा कि इस गिरोह का मुख्य उद्देश्य धर्मांतरण की गतिविधियों को बढ़ाकर मुस्लिम जनसंख्या को बढ़ाते हुए देश की एकता अखंडता व संप्रभुता को छिन्न भिन्न करने एवं देश की लोकतांत्रिक सरकार को हटाकर शरिया कानून लागू करना था। इसके अलावा आरोपियों का उद्देश्य इस्लामिक राष्ट्र बनाकर भारत की चुनी हुई सरकार को हटाकर इस्लामी राष्ट्र की स्थापना करना था। यह भी आरोप है कि आरोपियों का कृत्य भारत के विरुद्ध युद्ध छेड़ने का षडयंत्र है। इसके अलावा कोर्ट ने दो समुदायों के बीच घृणा व वैमनस्यता की भावनाएं धर्म व जाति व समुदाय के आधार पर करने का भी आरोप लगाया है।
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अदालत ने धोखाधड़ी, सामूहिक दुराचार, छेड़खानी, षड्यंत्र, उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म समपरिवर्तन के अलावा अनुसूचित जाति जनजाति निवारण अधिनियम के भी आरोप तय किए हैं। इसके बाद आरोपियों ने उन पर लगाए गए आरोपों से इनकार किया और मामले का विचारण किए जाने की मांग की। इस पर कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करते हुए अभियोजन के गवाहों को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।

बताते चलें कि एटीएस ने 16 नवंबर 2024 को गोमती नगर थाने में मुख्य आरोपी छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन, नीतू उर्फ नसरीन, नवीन रोहरा व अन्य लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एफआईआर के मुताबिक आरोपी विदेशी फंडिंग की मदद से बड़े पैमाने पर अवैध रूप से धर्मांतरण कर रहे हैं। आरोप है कि यह काम चांद औलिया दरगाह बलरामपुर में किया जाता था। कहा गया कि आरोपी नवीन ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर कुछ वर्षों में अवैध तरीके से 100 करोड़ से अधिक की संपत्तियां खरीदी और अवैध निर्माण कराया।

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