यह मुद्दा कुछ समय पहले भोपाल में हुई मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में भी प्रमुखता से उठा था। इसमें केंद्रीय वित्त मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग और डाक विभाग के प्रतिनिधियों ने विस्तार से अपनी रिपोर्ट रखी।
यूपी के हर गांव के 5 किमी. दायरे में बैंक शाखा खोली जाएंगी। सिर्फ बैंक सखी और पोस्टल बैंकिंग सेवा मुहैया कराने से काम नहीं चलेगा। केंद्र सरकार ने वर्ष 2024 तक हर हाल में यह लक्ष्य हासिल कर लेने के लिए कहा है।
विज्ञापन
यह मुद्दा कुछ समय पहले भोपाल में हुई मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में भी प्रमुखता से उठा था। इसमें केंद्रीय वित्त मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग और डाक विभाग के प्रतिनिधियों ने विस्तार से अपनी रिपोर्ट रखी। भारत सरकार की ओर से कहा गया कि सभी सदस्य राज्य बैंक सखी और पोस्टल बैंकिंग सेवा के माध्यम से बैंकिंग सुविधा प्रदान कर रहे हैं। लेकिन, सभी गांवों में 5 किमी की परिधि में बैंक शाखाएं अपनी सभी बैंकिंग सुविधाओं के साथ प्रारंभ की जाएं। इस लक्ष्य को वर्ष 2024 तक हासिल करना है।
मध्य क्षेत्रीय परिषद में यूपी, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य शामिल हैं। इन सभी राज्यों से कहा गया है कि इस संबंध में कार्ययोजना बनाकर इस पर तब तक काम किया जाए, जब तक लक्ष्य हासिल न हो जाए। केंद्र व राज्य सरकार मिलकर इस अभियान की समय-समय पर समीक्षा भी करेंगे।