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UP News : 36 लाख में शौचालय व 12 लाख में बनेंगे आंगनबाड़ी केन्द्र, अधूरे केंद्रों को बनने का रास्ता साफ

Fri, 12 May 2023 01:25 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

वहीं, आंगनबाड़ी केन्द्रों में शौचालय के निर्माण की लागत में भी तीन गुना इजाफा करते हुए 36 लाख रुपये कर दिया गया है। पहले शौचालय बनाने के लिए 12 लाख रुपये की लागत ही तय था। इसी प्रकार आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पेयजल सुविधा के लिए मिलने वाली 7 हजार की धनराशि को बढ़ाकर 10 हजार कर दिया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश में आंगनबाड़ी केन्द्र और उसमें शौचालयों के निर्माण में आड़े आ रही धन की कमी को सरकार ने दूर कर दिया है । दोनों तरह के निर्माण की लागत को केन्द्र सरकार ने बढ़ा दिया है । अब आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण की लागत राशि को 8 लाख से बढ़ाकर जहां 12 लाख कर दिया गया है ।

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वहीं, आंगनबाड़ी केन्द्रों में शौचालय के निर्माण की लागत में भी तीन गुना इजाफा करते हुए 36 लाख रुपये कर दिया गया है। पहले शौचालय बनाने के लिए 12 लाख रुपये की लागत ही तय था। इसी प्रकार आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पेयजल सुविधा के लिए मिलने वाली 7 हजार की धनराशि को बढ़ाकर 10 हजार कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से करीब तीन वर्ष से अधूरे पड़े शौचालयों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है ।

दरअसल स्वच्छता एक्शन प्लान 2017 से 2020 के तहत उन सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में शौचालय बनाए जाने थे, जिनमें अब तक यह सुविधा नहीं थी। इसके लिए सरकार द्वारा प्रति शौचालय के लिए 12 हजार रुपया लागत निर्धारित किया गया था । लेकिन सरकार द्वारा तय मानक के मुताबिक शौचालय बनाने के लिए यह धनराशि कम थी। इस वजह से तमाम आंगनबाड़ी केन्द्रों में शौचायलों का निर्माण अधूरा रह गया था ।
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इसके मद्देनजर बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से केन्द्रीय महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्रालय से शौचालय निर्माण की लागत राशि बढ़ाने का अनुरोध किया था। इसी कड़ी में केन्द्र ने प्रति शौचालय की लागत 12 हजार से बढ़ाकर 36 हजार रुपये करते हुए प्रदेश सरकार को केद्रांश उपलब्ध करा दिया है। इसी प्रकार आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण लागत में भी 4 लाख की बढ़ोत्तरी की गई है। इसके लिए भी केद्रांश उपलब्ध करा दिया गया है।

8447 शौचालयों का निर्माण रह गया था अधूरा
बता दें कि स्वच्छता एक्शन प्लान 2017 से 2020 के तहत 8447 आंगनबाड़ी केन्द्रों में शौचालय बनाए जाने थे, लेकिन कम लागत निर्धारित किए जाने की वजह से इन शौचालयों का निर्माण अधूरा रह गया था। अब सरकार ने लागत राशि में तीन गुना वृद्धि करते हुए प्रति शौचालय 36 लाख कर दिया है तो अधूरे शौचालयों का निर्माण पूरा हो सकेगा । इसके अलावा 28250 नए शौचालय भी बनाए जाने हैं ।

10 हजार बनने है नए आंगनबाड़ी
केन्द्र सरकार द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष के अगस्त महीने में 'सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0' अभियान शुरू की गई थी। इसके तहत प्रदेश में 10 हजार नए आंगनबाड़ी बनाने का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन निर्माण सामग्री की कीमतें बढ़ने की वजह से लागत भी बढ़ गई थी। इस वजह से आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण लटक गया था । अब चूकि केन्द्र ने लागत की सीमा 8 लाख से बढ़ाकर 12 लाख कर दिया है तो रूके निर्माण कार्यों को शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। निदेशक आईसीडीएस सरनीत कौर ब्रोका ने सभी डीएम को केन्द्र द्वारा जारी गाइडलाइन के मुताबिक आंगनबाड़ी केन्द्रों के भवनों का निर्माण कराने के निर्देश दिए हैं।
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प्रदेश में आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थिति एक नजर में
संचालित आंगनबाड़ी केन्द्र- 1,89,796
सरकारी भवन- 44011
किराये पर भवन- 12,860
पंचायतों भवनों में संचालित केन्द्र-27,908
स्कूलों में संचालित केन्द्र-1,05,017

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