प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 में 47, 913 गांवों को ओडीएफ प्लस मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। गांवों में ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी।
प्रदेश सरकार ने 57,704 ग्राम पंचायतों एवं उनमें शामिल 95,826 राजस्व गांवों को वर्ष 2025 तक ओडीएफ प्लस मॉडल गांव के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है। पंचायतीराज विभाग ने 47,913 गांवों को इस साल ओडीएफ प्लस मॉडल गांव के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है। विभाग ने ऐसे गांव जहां पर ठोस या तरल अपशिष्ट प्रबंधन में से किसी एक श्रेणी में काम पूरा हो गया है ऐसे 83,201 गांवों को उदयीमान श्रेणी में रखा गया है। जिन गांवों में ठोस और तरल कचरा प्रबंधन के कार्य पूरे हए गए हैं ऐसे 9211 गांवों को उज्जवल श्रेणी में रखा है। गांवों को ओडीएफ प्लस बनाने के लिए ग्राम पंचायत के प्रधानों, ग्राम पंचायत सचिवों, पंचायत सहायकों और सफाई कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। वहीं राजमिस्त्री को गुणवत्तापूर्ण शौचायल व कचरा प्रबंधन यूनिट के निर्माण के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
यह होगा ओडीएफ प्लस मॉडल गांव
जिन गांवों में ठोस और तरल कचरा प्रबंधन का काम पूरा होगा। गांव में सामान्य साफ सफाई भी बेहतर रहती है। गांव का कोई भी व्यक्ति शौचालय के लिए बाहर नहीं जाता है। गांव में घर घर से कचरा संग्रहण के साथ उसके निस्तारण की व्यवस्था है। गांव में जानवरों और कृषि से संबंधित अपशिष्ट का खाद के रूप में उपयोग किया जाएगा। साथ ही गांव में लोगों के घर सफाई और रसोई का गंदा पानी फिल्टर करने के बाद ही गांव के तालाब में प्रवाहित किया जाएगा।
उदयीमान श्रेणी - जिन गांवों में ठोस या तरल दोनों में से एक अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य पूरा हो गया है उन्हें उदयीमान श्रेणी में रखा गया है।
उज्ज्वल श्रेणी - जिन गांवों में ठोस और तरल कचरा प्रबंधन के कार्य पूरे हो गए हैं उन्हें उज्ज्वल श्रेणी में रखा गया है।
30 जून तक पूरा होगा जिला स्तरीय सर्वेक्षण
स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण में जिला स्तरीय सर्वेक्षण 30 जून को पूरा होगा। वहीं राज्य स्तरीय सर्वे 1-15 जुलाई तक चलेगा। जिला स्तर पर 31 जुलाई तक उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों की पहचान कर उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। राज्य स्तर पर 15 अगस्त तक उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों को चयनित कर उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। राज्य सरकार की ओर से राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित ग्राम पंचायतों का स्वतंत्र संस्था से 16 जुलाई से 15 अगस्त के बीच सत्यापन कराया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार के लिए चयनित ग्राम पंचायतों को 2 अक्तूबर को पुरस्कृत किया जाएगा।