बाबा की आध्यात्मिक यात्रा से जुड़े प्रमुख स्थलों को अब नीब करोरी बाबा सर्किट के रूप में जोड़ा जा रहा है। इस सर्किट में वृंदावन स्थित समाधि मंदिर शामिल है, जहां वर्ष 1973 में बाबा ने महासमाधि ली थी। इसके साथ फिरोजाबाद का अकबरपुर गांव, फर्रुखाबाद का नीब करोरी बाबा आश्रम धाम मंदिर और लखनऊ का प्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर भी सर्किट का हिस्सा हैं। मान्यता है कि फर्रुखाबाद स्थित आश्रम में बाबा ने भूमिगत गुफा में करीब 12 वर्ष साधना की थी। इस तरह जन्मस्थली से लेकर समाधि स्थल तक बाबा की आध्यात्मिक यात्रा को एक ही पर्यटन मार्ग में जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
महासमाधि दिवस को खास बनाते हुए यूपीएसटीडीसी ने बाबा नीब करोरी के पांच विशेष टूर पैकेज शुरू किए हैं। जिसमें 5 दिन, 3 दिन और 2 दिन की यात्राएं शामिल हैं। पर्यटकों की मांग के आधार पर इन पैकेजों का संचालन दिल्ली और लखनऊ से किया जाएगा। इसका उद्देश्य देश और दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बाबा से जुड़े प्रमुख स्थलों की यात्रा को आसान बनाना है। टूर पैकेज की जानकारी के लिए पर्यटक 9149099890 पर संपर्क कर सकते हैं या यूपीएसटीडीसी की वेबसाइट
upstdc.co.in पर जानकारी ले सकते हैं।
अपर मुख्य सचिव एवं पर्यटन महानिदेशक अमृत अभिजात ने बताया कि नया 'नीब करोरी बाबा सर्किट' उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध आध्यात्मिक पर्यटन सर्किटों में एक महत्वपूर्ण नया आयाम जोड़ेगा। बाबा से जुड़े प्रमुख स्थलों को एक साथ जोड़ने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए इन स्थानों तक पहुंच आसान होगी और उन्हें बाबा की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक तथा स्थानीय विरासत को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि महासमाधि दिवस पर शुरू किए गए विशेष टूर पैकेज इस पहल को और उपयोगी बनाएंगे तथा बाबा की विरासत को भारत के साथ दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले लोगों तक पहुंचाने में मदद करेंगे।