-उपभोक्ता परिषद ने मांग की कि बिजली दरों में प्रस्तावित बढ़ोतरी तत्काल रोकी जाए और उपभोक्ताओं के सरप्लस के आधार पर दरों में कमी की जाए।
-ट्रू-अप और वित्तीय आंकड़ों की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच हो।
-निजीकरण प्रस्ताव को जब तक आंकड़े स्पष्ट न हों, तब तक स्थगित रखा जाए।
-भ्रामक आंकड़े प्रस्तुत करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा।
- फोटो : अमर उजाला।
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा की मौजूदगी में शुक्रवार को ऊर्जा विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें पावर कार्पोरेशन औरऊर्जा सेक्टर से जुड़े तमाम अधिकारी मौजूद रहे। इस बैठक में बिजली व्यवस्था सुधारने सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक बैठक में ऊर्जा मंत्री ने विभाग के आय- व्यय और विभिन्न परियोजनाओं पर होने वाले खर्च के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान नए सत्र के टैरिफ पर भी चर्चा की गई। निगमों की ओर से दिए गए तर्क और जनता पर पड़ने वाले भार की जानकारी ली। ऊर्जा मंत्री ने भी कहा कि बिजली दरें तय करते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि उपभोक्ताओं पर ज्यादा भार न पड़ने पाए। सूत्रों का यह भी कहना है कि बैठक में निजीकरण की अब तक अपनाई गई प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। निजीकरण को आगे बढ़ने के लिए भविष्य की रणनीति पर भी विचार विमर्श किया गया।