नेहा ने तंज कसते हुए कहा कि ये जो हालिया हादसा हुआ है कि आपकी दवाई कर देंगे तो आप सब सेट हो जाएंगे। नेहा ने कहा कि वो वक्त करीब आ पहुंचा है, जब तख्त गिराए जाएंगे, जब ताज उछाले जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह बुलडोजर राज कोई तमगा नहीं, बल्कि तोहमत की तरह लगता है।
युवाओं से ज्यादा प्रौढ़ और बुजुर्ग नजर आए
यूं तो यह आयोजन जेन-जी के लिए विशेष तौर पर आयोजित किया गया था लेकिन इसमें युवाओं की संख्या बेहद कम नजर आई तो वहीं 35 से लेकर 70 साल तक के लोगों की खासी संख्या प्रेक्षागृह में मौजूद रही। ज्यादातर लोगों को कहना था कि वे युवाओं और खासकर नेहा बोरा को सुनने आए हैं।
बाहर और भीतर रही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
गांधी प्रेक्षागृह के बाहर सड़क से लेकर भीतर तक इस आयोजन को लेकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जिला प्रशासन सतर्क था और भारी पुलिस बल तैनात था। कई लोगों के तो पेन तक बाहर रखवा लिए गए। हॉल के अंदर न सिर्फ वर्दीधारियों की मौजूदगी थी बल्कि साधारण कपड़ों में भी पुरुष व महिला पुलिसकर्मी अच्छी संख्या में मौजूद थीं।