दो साल पहले किया था निकाह
सूफिया बानो ने पूछताछ में बताया कि रामकिशोर से उसका करीब चार वर्ष से प्रेम संबंध था। करीब दो वर्ष पहले दोनों ने निकाह कर लिया था और रामकिशोर उसके साथ रहने लगा था। इसी दौरान सूफिया के संबंध मुन्ना से हो गए। रामकिशोर को जब इसकी जानकारी हुई तो दोनों में आए दिन विवाद होने लगा।
इसी दौरान रामकिशोर अपनी पहली पत्नी कविता देवी के पास दोबारा जाने लगा और उसे खर्च भी देने लगा था। सूफिया इसका विरोध करती थी। विवाद बढ़ने पर उसने मुन्ना और उसके साथी इकबाल के साथ मिलकर रामकिशोर की हत्या की साजिश रची।
आरोपी इकबाल को 25 हजार रुपये का लालच दिया
सूफिया और मुन्ना ने इकबाल को रामकिशोर की हत्या में शामिल होने के लिए 25 हजार रुपये देने का लालच दिया। साजिश के तहत मंगलवार रात सूफिया ने फोन कर मुन्ना और इकबाल को घर बुलाया और दरवाजे की चिटकनी खोलकर रख दी। देर रात दोनों सूफिया के घर पहुंचे। उस वक्त रामकिशोर सो रहे थे।
आरोपियों ने चाकू से उनका गला रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद कमरे में बिखरे खून के दाग मिटाने के लिए फर्श की लिपाई की। आरोपियों ने रामकिशोर के शव को लकड़ी के बक्से में रखकर बिस्तर के नीचे छिपा दिया। हत्या में इस्तेमाल चाकू कपड़ों के नीचे छिपा दिया गया, जबकि खून से सनी झाड़ू और मृतक के कपड़े भी कमरे में रखे गए। इसके बाद शव को ई-रिक्शा लोडर में रखा और भावाखेड़ा नहर पुलिया के नीचे फेंक दिया।
सूफिया ने रामकिशोर के परिजनों को भी किया था फोन
रामकिशोर के भाई शानू वाल्मीकि ने बताया कि उनका भाई दुबग्गा के छंदोईयाखेड़ा का रहने वाला था और मजदूरी करता था। परिवार में पत्नी कविता, दो बेटे और एक बेटी हैं। शानू के मुताबिक, रामकिशोर करीब दो वर्ष से परिवार से अलग बिजनौर में सूफिया बानो के साथ रह रहा था। उन्होंने बताया कि करीब 20 दिन पहले रामकिशोर घर आया था।
बातचीत में उसने महिला और उसके भाई से विवाद होने की बात बताई थी। मंगलवार को काम पर जाने की बात कहकर वह घर से निकला था। रात करीब 11:30 बजे फोन करने पर उसने सूफिया के घर पर मौजूद होने की बात बताई थी। करीब एक घंटे बाद सूफिया ने परिजनों को फोन कर बताया कि रामकिशोर बिना बताए कहीं चला गया है।
पत्नी ने सिर पर तवे से वारकर पति को मार डाला था
इसी तरह कुछ दिन पहले ही जानकीपुरम इलाके में घरेलू विवाद के बाद पत्नी ने पति पर तवे के कई बार हमला किया, जिससे वो बुरी तरह घायल हो गया। ये घटना गुरुवार शाम की है। गंभीर रूप से घायल ऑटो चालक आशीष सोनी उर्फ शनि (40) को पुलिस अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतक की मां की तहरीर पर पत्नी तपस्या, आशू, प्रियंका, गोलू, शिवम और उसके जीजा को नामजद कर तहरीर दी थी।