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UP: भाजपा के प्रभाव वाले क्षेत्रों में कटे ज्यादा वोट, मुस्लिम बहुल जिलों में अपेक्षाकृत बेहतर रही स्थिति

Fri, 10 Apr 2026 10:33 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची संशोधन के बाद भाजपा प्रभाव वाले जिलों में अधिक वोट घटे हैं, जबकि मुस्लिम बहुल जिलों में कमी अपेक्षाकृत कम रही। इस अंतर ने राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी है और चुनावी गणित पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर विश्लेषण किया जा रहा है।
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फाइल फोटो। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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एसआईआर में भाजपा के प्रभाव वाले जिलों में ज्यादा वोट घटे हैं। वहीं, मुस्लिम बहुल जिलों में अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के बीच ये आंकड़े चर्चा का विषय बने हुए हैं। लखनऊ, गाजियाबाद, कानपुर, कानपुर नगर, गौतमबुद्धनगर और मेरठ में 27 अक्तूबर 2025 के मुकाबले सूची से नाम घटने वाले मतदाताओं का प्रतिशत सर्वाधिक है।

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इन जिलों में 18.75 प्रतिशत से 22.89 प्रतिशत तक वोट कम हुए हैं। इन जिलों में वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में अधिकतर सीटें भाजपा ने जीती थीं। वहीं, लोकसभा चुनाव के लिहाज से भी ये सीटें भाजपा के प्रभाव वाली मानी जाती हैं।

प्रदेश की जिन पांच विधानसभा क्षेत्रों साहिबाबाद, नोएडा, लखनऊ उत्तर, आगरा कैंट और इलाहाबाद नॉर्थ में सर्वाधिक नाम घटे हैं, वहां भी भाजपा के विधायक ही हैं। वहीं, मुस्लिम बहुल जिलों संभल में 14.47 प्रतिशत, रामपुर में 12.33 प्रतिशत, मुरादाबाद में 10.09 प्रतिशत, बिजनौर में 9.63 प्रतिशत, शाहजहांपुर में 17.90 प्रतिशत और संभल में 14.47 प्रतिशत मतदाता घटे हैं। मुस्लिम बहुल सहारनपुर मे 10.48 प्रतिशत और मुजफ्फरनगर में 10.38 प्रतिशत मतदाता कम हुए हैं।

जिनके नाम कटे, उन्हें अपील का अवसर भी

सीईओ रिणवा ने बताया कि बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए कोई भी नाम मतदाता सूची से नहीं काटा गया है। अगर कोई व्यक्ति निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के निर्णय से असंतुष्ट है तो वह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के तहत अपील कर सकता है। 

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मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि से 15 दिवस के अंदर प्रथम अपील कर सकता है। अपील हस्ताक्षरित ज्ञापन के रूप में होगी और उसके साथ उस आदेश की प्रति संलग्न करनी होगी, जिसके विरूद्ध अपील की गई है।

रिणवा ने बताया कि अगर अपीलकर्ता जिला मजिस्ट्रेट के निर्णय से असंतुष्ट है, तो जिला मजिस्ट्रेट के निर्णय की तिथि से 30 दिनों के अंदर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के सामने द्वितीय अपील प्रस्तुत की जा सकती है या पंजीकृत डाक से भेजी जा सकती है।

मतदाता बनने के लिए कर सकते हैं आवेदन

रिणवा ने बताया कि जिन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में नहीं है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। वे मतदाता बनने के लिए फॉर्म-6 भर सकते हैं। पात्र नागरिकों का नाम सूची में कभी भी शामिल किया जा सकता है।

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