बंगाल की खाड़ी में बने सात निम्न दबाव क्षेत्रों ने अगस्त में मानसून को लगातार सक्रिय रखा। प्रदेश में अगस्त के दौरान सामान्य 235.5 मिमी के मुकाबले 291.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे पहले वर्ष 2018 में अगस्त में 293.1 मिमी बारिश हुई थी।-अतुल कुमार सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक, क्षेत्रीय माैसम विज्ञान केंद्र लखनऊ
जोरदार बारिश से ऊफनाई नदियों के कारण कई जगह बाढ़ की स्थिति बन गई है। चित्रकूट में मंदाकिनी, अवध के जिलों में सरयू लाल निशान के ऊपर बह रही है। प्रयागराज, कानपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से संकट खड़ा हो गया है। पूर्वांचल में गंगा, गोमती, सरयू सहित अन्य नदियां उफान पर हैं। बुंदेलखंड में सभी बांध पानी से लबालब हो गए हैं।
चित्रकूट : मंदाकिनी नदी का जलस्तर मंगलवार को एक बार फिर खतरे के निशान 126.50 मीटर को पार कर करीब साढ़े चार मीटर ऊपर पहुंच गया। इससे रामघाट क्षेत्र फिर पानी में डूब गया। घाट किनारे बनीं दुकानें, मकान, आश्रम और होटल जलमग्न हो गए। होटलों व आश्रमों में ठहरे लोगों को भी परेशानी हुई।
अवध : बहराइच में सरयू खतरे के निशान को पार कर गई है। अंबेडकरनगर में बीते 24 घंटे में सरयू का जलस्तर नौ सेंटीमीटर बढ़ा है। गोंडा में सरयू खतरे के निशान से तीन सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। सीतापुर में बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी से हालात फिर बिगड़ने लगे हैं। बाराबंकी में नेपाल के बैराजों से छोड़े गए पानी के कारण सरयू उफान पर है। अयोध्या में सरयू का जलस्तर बढ़ने के बाद रामघाट पर अंतिम संस्कार करना भी मुश्किल हो गया है।
कानपुर : पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से दक्षिण के चार मोहल्लों में पानी घरों तक पहुंच गया है। पांच हजार की आबादी प्रभावित है। कई परिवार घरों में ताला लगाकर पलायन कर गए हैं।
पूर्वांचल: सोनभद्र, चंदौली और मिर्जापुर में बांधों के गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है जिससे छोटी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है।
बलिया : खतरे के निशान के ऊपर बह रही गंगा का पानी 50 से अधिक घरों में घुस गया है। सरयू खतरे के निशान को पार कर चुकी है। चंदौली में 60 गांवों से संपर्क टूट गया है। गाजीपुर में चार प्रमुख मार्गों पर गंगा की बाढ़ का पानी भरा है।
बूंदेलखंड : झांसी, ललितपुर, चित्रकूट, महोबा और छतरपुर के 42 प्रमुख बांधों में से 39 अपनी क्षमता के मुताबिक भर चुके हैं।
लखनऊ में हुई बारिश से कई जगह हुआ जलभराव
सितंबर के मासिक पूर्वानुमान में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई गई है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य से अधिक, जबकि मध्य और दक्षिणी हिस्सों में सामान्य बारिश हो सकती है। हालांकि, सितंबर में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।
बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, रायबरेली, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर व आस पास के क्षेत्र।
तेज बारिश से शहर में कई जगह हुआ जलभराव।
सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, संभल, बदायूं, जालोन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर व आस पास के क्षेत्र।