प्रदेश में अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए छह आधुनिक छात्रावास बनाए जाएंगे। इसके लिए सरकार ने धनराशि स्वीकृत कर पहली किस्त जारी कर दी है। इन छात्रावासों में रहने, भोजन, पुस्तकालय और सुरक्षा जैसी सुविधाएं होंगी, ताकि दूरदराज के छात्रों को बेहतर शिक्षा और आवास मिल सके।
प्रदेश सरकार प्रदेश अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रही है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से समाज कल्याण विभाग प्रदेश में 6 छात्रावासों के निर्माण और मरम्मत का काम जल्द करेगा। प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के तहत बनने वाले ये छात्रावास आधुनिक कैंपस के रूप में विकसित होंगे।
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वित्त वर्ष 2025-26 में छात्रावासों के लिए कुल 12.30 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिसमें से 6.15 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि हमारा प्रयास है कि दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले होनहार छात्रों को रहने की कोई असुविधा न हो।
इन छात्रावासों को केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि एक आधुनिक लर्निंग हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। योजना के तहत जौनपुर, सुल्तानपुर और हाथरस जिलों में एक-एक और फिरोजाबाद में तीन बालक और बालिका छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा।
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इन भवनों में छात्रों के लिए अच्छे कक्ष, एक आधुनिक मेस, मनोरंजन कक्ष, एक समृद्ध पुस्तकालय और सुरक्षा के लिए गार्ड रूम के साथ-साथ छात्रावास अधीक्षक का आवास भी परिसर में ही होगा।