दिल को स्वस्थ रखने के लिए मोबाइल इस्तेमाल की एक सीमा तय करें। हर 30 से 40 मिनट में ब्रेक लें। थोड़ा चलें या स्ट्रेचिंग करें। सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल से दूरी बनाएं। रोजाना कसरत करें। संतुलित जीवनशैली अपनाकर ही दिल की बीमारियों से बचा जा सकता है।
डॉ. आशीष ने बताया लोगों का दुबला-पतला होना तंदुरुस्ती का मानक नहीं है। मांसपेसियां कमजोर होने से डायबिटीज, बीपी और न्यूरोलॉजिकल बीमरियां बढ़ती हैं। इसलिए मोटे व्यक्ति को भी भोजन में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम कर प्रोटीन बढ़ाना चाहिए। साथ ही मांसपेसियों को मजबूत करने की नियमित कसरत करें। डॉ. भुवन चंद्र तिवारी ने बताया शारीरिक श्रम सिर्फ 17 प्रतिशत लोग ही करते हैं।
इसमें महिलाओं का औसत केवल तीन से पांच प्रतिशत है। महिलाओं में व्यायाम की कमी का मुख्य कारण घरेलू कार्यों में अत्यधिक समय बीत जाता है। कार्बोहाइड्रेट का अधिक सेवन और शारीरिक निष्क्रियता के कारण राज्य में विशेष रूप से महिलाओं में थायराइड, डायबिटीज कैंसर जैसी बीमारी बढ़ रही है। कम वजन वाले व्यक्ति कसरत नहीं करते हैं। बताया दिल व शरीर की अच्छी सेहत के लिए रोजाना 12 हजार कदम चलना चाहिए।
डॉ. भुवन ने बताया कि लगातार रील देखने से व्यक्ति लंबे समय तक बैठे रहता है। इससे शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है। जो मोटापा बढ़ाने का बड़ा कारण है। मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल सीधे तौर पर दिल की बीमारियों से जुड़े हैं। जब शरीर नियमित रूप से सक्रिय नहीं रहता, तो दिल को भी अधिक मेहनत करनी पड़ती है। लंबे समय तक मोबाइल देखने से न सिर्फ आंखों बल्कि दिल पर भी असर पड़ता है।
रोज 7 से 8 घंटे की गहरी नींद दिल को स्वस्थ रखने में मदद करती है। देर रात तक मोबाइल या टीवी देखने से बचें। सिगरेट और अधिक शराब दिल की धमनियों को नुकसान पहुंचाती हैं।