मंत्री से नाराजगी पर उन्होंने कहा कि मेरा उनसे कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है। सिर्फ अधिकारी अफवाह फैला कर मामले को तूल दे रहे हैं। उन्होंने लंबे समय से इस मुद्दे पर कोई बोल नहीं रहा था, अब मैने अधिकारियों के फर्जी आंकड़ों की पोल खोली है तो वह झूठी अफवाह फैलाने में जुट गए हैं। अधिकारी जमीन पर काम नहीं कर रहे, उनको समस्या लिखकर दी जाए तो कार्यवाही तक नहीं करते। उन्होंने कहा कि मेरे लिखे पत्रों पर अब तक पर कोई काम नहीं हुआ है।विधायक ने स्पष्ट तौर पर कहा कि अधिकारियों के षड़यंत्र के आगे मैं झुकने वाला नहीं हूं।
आगे के कदम को लेकर पूछे गए सावल के जवाब में ब्रजभूषण ने कहा, 'मैं 20 दिन होने का इंतजार कर रहा हूं, मंत्री ने कहा था काम हो जाएगा। मैंने सुना कि संबंधित अधिकारियों के साथ मंत्री ताबड़तोड़ बैठक कर रहे हैं। हम भी तो यही चाहते हैं कि क्षेत्र की जनता को पानी मिले और खुदी सड़कों की मरम्मत हो जाए। जनता की मदद के लिए हम तो समस्याओं को उठाता ही रहूंगा। बृजभूषण ने कहा कि ये योजना बुंदेलखंड के लिए वरदान है, लेकिन अधिकारियों की वजह से जमीन पर योजना उतर ही नहीं पा रही है। पीएम मोदी की योजना को अधिकारी खा जाना चाहते हैं।
मंत्री से विवाद के बाद लोध समाज की बैठक को लोध बनाम कुर्मी की लड़ाई बताने पर एतराज जताते हुए बृजभूषण ने कहा कि इसे दो जातियों की लड़ाई के तौर पर प्रचारित करना उतिच नहीं है। हमने तो सिर्फ जनप्रतिनिधि के तौर क्षेत्र पर क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाने का प्रयास किया है। हमने तो सिर्फ अपने क्षेत्र की आवाज उटाई है और मंत्री को जमीनी सच्चाई दिखाने का काम किया है। इसे किसी और रूप में लेना नहीं चाहिए।