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इंजीनियरों पर जमकर बरसे ऊर्जा मंत्री

Thu, 30 Oct 2014 03:47 PM IST
अभिषेक यादव/अमर उजाला, लखनऊ
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सूबे के ऊर्जा राज्यमंत्री यासर शाह ने अनपरा-डी प्रोजेक्ट की धीमी प्रगति पर इंजीनियरों को डांट पिलाई। कहा, वे सिर्फ 65 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) हासिल करके ही खुश हो जाते हैं जबकि पीएलएफ 90 फीसदी से जरा भी कम होने पर उन्हें शर्म आनी चाहिए।
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शाह ने ये बातें बुधवार को यहां शक्तिभवन में राज्य विद्युत उत्पादन निगम के कार्यों की समीक्षा के दौरान बातें कहीं।

शाह ने कहा कि बोर्ड की जगह कंपनी बनाने का उद्देश्य यही था कि बिजली क्षेत्र में गुणात्मक सुधार होगा। लेकिन जिस तरह से इंजीनियर काम करते हैं और जैसी उनकी सोच है, उससे स्थितियां बदल नहीं पाई हैं।

उन्होंने कहा कि एनटीपीसी की तर्ज पर बिजली इकाइयों का संचालन पर जोर दिया। अनपरा परियोजना के जीएम को निर्देश दिए कि नया जनरेटर ट्रांसफार्मर लगाकर 500 मेगावाट की चार नंबर इकाई को नवंबर के अंत तक चालू कर दिया जाए। साथ ही 1000 मेगावाट की अनपरा-डी परियोजना की पहली इकाई को हर हाल में मार्च 2015 तक शुरू करने के निर्देश दिए।
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दिया 31 मार्च 2015 तक का वक्त

यासर शाह ने कहा कि अनपरा-डी की पहली इकाई के बॉयलर को 30 नवंबर तक लाइटअप किया जाए और 30 जनवरी 2015 तक सिंक्रोनाइज कर दिया जाए।

साथ ही उन्होंने कोल-फायरिंग के लिए 25 मार्च तक की समयसीमा तय करते हुए कहा कि 31 मार्च 2015 तक इकाई से पूरी क्षमता से बिजली उत्पादन शुरू कर दिया जाए।

उन्होंने इंजीनियरों को आगाह किया कि अब किसी किस्म की शिथिलता न बरती जाए क्योंकि पहले ही परियोजना में बहुत देरी हो चुकी है। अनपरा-डी की दूसरी इकाई को भी मई-जून 15 तक चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में प्रमुख सचिव ऊर्जा व उत्पादन निगम अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने सभी महाप्रबंधकों को निर्देश दिए कि वे इकाइयों के रखरखाव और संचालन पर हो रहे खर्च की आकलन रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इस दौरान निदेशक तकनीकी मुरलीधर भागचंदानी भी मौजूद थे।
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20 नवंबर तक करछना प्रोजेक्ट की डीपीआर

शाह ने 1,320 मेगावाट की करछना तापीय परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) 20 नवंबर तक तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने हरदुआगंज व पनकी में प्रस्तावित 660-660 मेगावाट क्षमता की इकाइयों और ओबरा-सी विस्तार की प्रगति की भी समीक्षा की।

उन्होंने कहा कि जिन पुरानी इकाइयों को चलाना आर्थिक दृष्टि से लाभप्रद नहीं है, उन्हें बंद करने और नए प्रोजेक्ट लगाने पर काम करने की जरूरत है।
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